मखाना क्या होता है? मखाना (Fox Nut) के फायदे, प्रकार, पोषक तत्व, उपयोग, नुकसान, आदि से जुड़ी सभी जानकारी – Fox Nut in Hindi

आज हम जानेंगे मखाना के फायदे और नुकसान की पूरी जानकारी (Fox Nut in Hindi) के बारे में क्योंकि मखाना रोजाना खाने के अनेकों फायदे है, जिनकी गिनती कर पाना काफी मुश्किल है। खीर वह चीज है, जिसके अंदर सबसे अधिक मखाने का इस्तेमाल किया जाता है। मखाने को जब आप खरीदने जाते हैं तो यह आपको सफेद कलर में प्राप्त होता है और इसके ऊपर हल्के हल्के काले रंग के थोड़े से दाग होते हैं।

यह ना तो ज्यादा कठोर होता है ना ही ज्यादा सॉफ्ट होता है। आप इसे आसानी से अपने हाथों से दबा सकते हैं। इसलिए आज के इस लेख में जानेंगे कि Makhana Kya Hota Hai, मखाना खाने के फायदे, Fox Nut in Hindi, मखाना खाने के नुकसान, मखाना खाने से मिलने वाला न्यूट्रिशन, आदि की जानकारीयां पूरा डिटेल्स में जानने को मिलेगा, इसलिये इस लेख को सुरू से अंत तक जरूर पढे़ं।

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मखाना क्या होता है? – What is Fox Nut in Hindi

Fox Nut In Hindi
Fox Nut In Hindi

मखाना को अंग्रेजी भाषा में Fox Nut कहते हैं। मखाने का साइंटिफिक नाम यूरयेल फेरॉक्स (Euryale Ferox) है। खीर का स्वाद बढ़ाने के लिए खीर में डाला जाने वाला मखाना कमल का बीज होता है। एक प्रकार से आप यह भी कह सकते हैं कि कमल का जो बीज होता है उसे ही Makhana कहा जाता है। इंडिया में मखाने को अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग नामों से बोला जाता है।

मखाने की खेती इंडिया के कुछ चिन्हित जगहों पर ही होती है, जिनमें बिहार और पश्चिम बंगाल सबसे ज्यादा मखाना बनाते हैं। आपने भी कही न कही मिथिला के मखाने का नाम सुना जरूर होगा, इस मखाने की खेती बिहार और नेपाल के मिथिला क्षेत्र में की जाती है। मिथिला में बनाए गए मखाने को इंडियन गवर्नमेंट ने जी आई टैग यानी कि ज्योग्राफिकल इंडेक्स टैग भी दे रखा है।

इंडियन गवर्नमेंट ये जी आई टैग केवल उन्हीं उत्पादों या फसलों को देती है, जो उस जगह की विशेषता को विशेष रूप से दर्शाते हैं और इसकी वजह से उन चीजों को बनाने वाले या फसलों की खेती करने वाले लोगों को उनके उत्पादों या फसलों की अच्छी कीमत मिलती हैं। इसके बीज की बात करें तो यह उतने ही आकार के होते जितना कि मटर का एक मोटा बीज होता है। इसके बीज को जब बालू में भूना जाता है तब यह बड़े आकार में फूल जाते हैं।

इस प्रकार मखाना तैयार हो जाता है। मखाना पाने के बाद इसे डायरेक्ट नहीं बेचा जाता है बल्कि उसके पहले इसे भूना जाता है और उसके बाद ही अलग-अलग प्रकार के आइटम में इसे डाला जाता है। मखाना पूरी तरह से पौष्टिक तत्वों से भरपूर होता है, जो स्वास्थ्यवर्धक होता है।

मखाना के प्रकार – Types of Fox Nut in Hindi

मखाना बहुत सी वेराइटी में आता है, लेकिन यह इस बात पर निर्भर करता है कि उसे बनाने का प्रोसेस क्या है। मखाने की सबसे कॉमन वैरायटी हमें हर जगह देखने को मिल जाती है जो की आकार में गोल और बीचों-बीच उसमें एक होल देखने को मिल जाता है।

कई बार यही मखाना जब कुछ प्रेशर पड़ने के बाद एक फ्लैट डिस्क के रूप में बदल जाता है, तो वह भी मखाने की एक अलग वैरायटी बन जाता है। इनके अलावा आज मार्केट में बहुत से अलग-अलग फ्लेवर के मखाने भी मौजूद हैं जो सभी लोगों की पहुंच में है और कोई भी व्यक्ति अपनी पसंद के अनुसार उन्हें खरीद कर खा सकता है। 

  1. सफेद मखाना
  2. काला मखाना
  3. गोरखनाथ मखाना

मखाने का उपयोग – Uses of Fox Nut in Hindi

मखाना लगभग हर भारतीय घर में होता ही है। मखाने को खाने से मना कर पाना हर किसी के बस की बात नही है। यह कहा जा सकता है की भारतीय किचन में मसालों की ही तरह मखाना भी भारतीय किचेन्स की जान है। मखाने का प्रयोग सेंधा नमक के साथ हल्की आंच पर भूनकर, एक हल्के हेल्दी स्नैक के तौर पर किया जा सकता है, जिसे चाहे जितना खाते जाओ मन नहीं भरता हैं।

मखाने को भूनने पर उसकी क्रंचीनेस काफी बढ़ जाती है और हल्का नमक उसमे चार चांद लगा देता है। इंडिया में मखाने के लड्डू भी बनते है, जिन्हे घी, गुड और अन्य सूखे मेवों के साथ मिलाकर बनाया जाता है। भारतीय घरों में मखाने की सब्जी, मखाने की करी, मखाने की खीर और किसी भी सब्जी के स्वाद को बढ़ाने के लिए मखाने का प्रयोग किया जाता है। भारतीय किचन में बनने वाली किसी भी सब्जी का यदि स्वाद बढ़ाना हो तो उसमें मखाने का प्रयोग निश्चित तौर पर किया जाता है।

इसके अलावा आज मार्केट में मखाने की नमकीन भी आती है, जो स्वाद में काफी अच्छी होती है। इंडिया में बहुत सी जगह पर हमें मखाने की भेल भी देखने को मिल जाती है। इसके अलावा कई जगह पर मखाने को पीसकर उसके आटे की रोटी भी खाई जाती है।

मखाना के फायदे – Benefits of Fox Nut in Hindi

नीचे यह मेंशन किया गया है कि मखाना खाने से इंसानो की बॉडी को कौन से स्वास्थ्य से संबंधित एडवांटेज मिलते हैं।

1. गर्भावस्था में मखाना खाने के फायदे

प्रेगनेंसी के दौरान मखाने को रोजाना अपने भोजन में शामिल करने के काफी फायदे हैं। मखाने में पाए जाने वाले कैल्शियम फॉस्फोरस मैग्नीशियम आयरन जिंक और प्रोटीन बच्चे की कंप्लीट ग्रोथ में काफी मदद करते हैं। मखाने में मौजूद फाइबर पाचन क्रिया को हेल्दी रखता है, जिससे पेट से जुड़ी हुई किसी भी बीमारी की संभावना बेहद कम हो जाती है, क्योंकि यह कहा जाता है कि पेट सही तो शरीर सही।

एक स्वस्थ पेट से ही शरीर की इम्युनिटी मजबूत होती है, क्योंकि हमारे शरीर की इम्युनिटी को मजबूत बनाने वाले सभी पोषक तत्व और न्यूट्रिएंट्स हमारे पेट से होकर ही पहुंचते हैं। मखाने में फैट का कंटेंट भी काफी कम होता है, जिससे प्रेगनेंसी के दौरान महिलाओं को अपना वजन मैनेज करने में काफी मदद हो जाती है। मखाने में मौजूद प्रोटीन बच्चों के ऑर्गन्स और बॉडी सेल्स के ग्रोथ में सबसे अहम भूमिका निभाता है।

मखाने में फोलेट की मात्रा भी काफी अच्छी होती है, जो बच्चे की न्यूरल ट्यूब (न्यूरल ट्यूब आगे चलकर बच्चों की रीड की हड्डी और दिमाग के विकास के लिए सबसे अहम भूमिका निभाती है) की ग्रोथ के लिए जिम्मेदार होता हैं। यह भी कहा जाता है की प्रेगनेंसी के स्टार्टिंग में फोलेट का अच्छी मात्रा में सेवन करने से बच्चे की ग्रोथ काफी तेजी से होती है।

प्रेग्नेंट महिलाओं को लगातार कुछ न कुछ खाते रहना चाहिए, जिससे उन्हें कमजोरी न लगे और शरीर में ताकत बनी रहे, यह काम मखाना काफी अच्छे से करता है। मखाना अन्य स्नैक्स के मुकाबले एक हेल्दी स्नैक के रूप में काफी अच्छा काम करता है।

2. डायबिटीज में मखाना खाने के फायदे

मखाने का ग्लाईसेमिक इंडेक्स (Glycemic Index) काफी कम होता है। यह भी कहा जाता है कि डायबिटीज से पीड़ित लोगों को लो ग्लाईसेमिक इंडेक्स वाला खाना खाना चाहिए, क्योंकि जिन खाद्य पदार्थों का ग्लाईसेमिक  इंडेक्स कम होता है, वह खून में शुगर के लेवल को एकदम से नहीं बढ़ाते हैं।

मखाने में फाइबर की मात्रा भी अच्छी होती है, जो कि हमारे पाचन क्रिया में कार्बोहाइड्रेट को छोटे-छोटे टुकड़ों में तोड़कर, उसके द्वारा ब्लड में शुगर के अब्जॉर्प्शन को काफी स्लो कर देता है। मखाने में फैट की मात्रा भी कम होती है, जो की डायबिटिक पेशेंट के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। मखाने में मौजूद प्रोटीन बॉडी के मसल्स को मजबूत करने और प्रॉपर स्ट्रैंथ प्रदान करने का काम करता है, जिससे रोजाना की एक्सरसाइज बिना थकावट के आराम से की जा सकती है।

मखाने में मौजूद मैग्नीशियम बॉडी के मेटाबॉलिज्म को बढ़ाता है और इंसुलिन के बनने की क्षमता को भी तेज कर देता है। यह देखा गया है कि डायबिटीज के मरीजों को मीठा खाने की आदत होती है, इन केसेस में मखाना एक अच्छा अल्टरनेटिव साबित होता है क्योंकि यह अपने यूनिक टेक्सचर और फ्लेवर से मीठा खाने की इच्छा को दबा देता है।

3. वजन घटाने के लिए मखाना के फायदे

मखाने में मौजूद फाइबर हमारे पेट में जाकर कार्बोहाइड्रेट के डाइजेशन और अब्जॉर्प्शन को काफी स्लो कर देता है, जिससे इनमें मौजूद फैटी एसिड हमारी बॉडी में काफी स्लो रेट से घुलते हैं। फैटी एसिड के स्लो रेट से बॉडी में अब्सोर्पशन की वजह से पहले का फैटी एसिड बॉडी में एनर्जी बनाने में यूज हो जाता है (यदि बॉडी में ग्लूकोज की मात्रा कम होती है तो फैटी एसिड ही एनर्जी बनाने का काम करते है), जिससे या बॉडी के ओवरऑल वेट में कोई भी योगदान नहीं दे पाता है और लगातार एनर्जी में कन्वर्ट होता रहता है।

इसके अलावा मखाने का फाइबर पेट को भरा रखने का भी काम करता है, जिससे बार-बार भूख नहीं लगती और खाने की इच्छा नहीं होती है। मखाने में न्यूट्रिएंट्स की मात्रा भी काफी अच्छी होती है, जो कि वेट कम करने के प्रोसेस में हमारी बॉडी के द्वारा रोजाना की जरूरत के अनुसार प्रॉपर न्यूट्रिएंट्स दे सकता है। मखाने में मौजूद प्रोटीन भी वेट लॉस की प्रोसेस में हमारे बॉडी मसल्स को ताकत प्रदान करता है। वेट लॉस की प्रोसेस के दौरान बार-बार खाने की इच्छा को भी मखाना काफी अच्छे से कंट्रोल करता है।

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4. पुरुषों के लिए मखाना के फायदे

मखाने में पाए जाने वाला मैग्नीशियम और पोटेशियम ब्लड प्रेशर को रेगुलेटेड रखता है, जो की एक हेल्दी हार्ट के लिए काफी जरूरी होता है। इसके साथ ही मखाने में मौजूद फाइबर पुरुषों में वेट मैनेजमेंट में भी काफी मदद करता है। मखाने में पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट और मैग्नीशियम पुरुषों में स्ट्रेस को भी कंट्रोल में रखते हैं। मखाना पुरुषों में ब्लड शुगर को मैनेज करने का काम भी आसानी से कर देता है।

मखाने का सेवन पुरुषों में प्रोस्टेट ग्लैंड के लिए काफी अच्छा माना जाता है क्योंकि पुरुषों में प्रोस्टेट ग्लैंड प्रजनन के लिए काफी अहम भूमिका निभाती है। मखाने में मौजूद कैल्शियम पुरुषों में दातों और हड्डियों को भी मजबूत रखने में काफी मदद करता है। मखाना एक न्यूट्रिएंट रिच सुपर फूड है, जो की इंस्टेंट एनर्जी का एक काफी अच्छा सोर्स है। मखाने में मौजूद जिंक रिप्रोडक्शन सिस्टम में भी काफी अहम भूमिका निभाता है क्योंकि स्पर्म के बनने में और टेस्टोस्टेरोन हार्मोन के लिए जिंक की सबसे अहम भूमिका है।

5. महिलाओं के लिए मखाना के फायदे

मखाने को न्यूट्रिएंट्स विटामिंस मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट का पावर हाउस कहने में कोई दिक्कत नहीं होगी क्योंकि मखाना ऐसे न्यूट्रिएंट्स विटामिन और मिनरल्स से भरपूर है जो किसी अन्य खाद्य पदार्थ से एक साथ मिल पाना काफी मुश्किल है। मखाने में मौजूद पोटैशियम मैग्निशियम आयरन जिंक फोले फाइबर महिलाओं में रिप्रोडक्टिव सिस्टम और ओवरऑल हेल्थ को मैनेज करने का काम काफी बेहतर ढंग से करते हैं।

महिलाओं को अपने वजन को लेकर काफी चिंता रहती है, इन केसेस में महिलाएं मखाने का सेवन कर सकती हैं, जो कि उनके पेट को भरा रखेगी और भूख कम लगेगी। जिससे वेट मैनेजमेंट में काफी फर्क पड़ेगा। मखाने में मौजूद कैल्शियम महिलाओं में हड्डियों को प्रॉपर स्ट्रैंथ प्रोवाइड करने का काम करता है, जिससे महिलाएं को ओस्टियोपोरेसिस (Osteoporasis) जैसी स्तिथि का सामना न करना पड़े।

ओस्टियोपोरेसिस में बॉडी में हड्डियां कमजोर हो जाती है, जिससे इनके फ्रैक्चर होने का खतरा काफी बढ़ जाता है। हमारी बॉडी, बॉडी में मौजूद हड्डियों को लगातार बदलने का काम करती रहती है। लेकिन ऑस्टियोपोरोसिस में नई हड्डियों के बनने की रफ्तार पुरानी हड्डियों के बदलने की रफ्तार से काफी कम होती है, जिससे हड्डियां कमजोर होती चली जाती हैं।

मखाने में मौजूद आयरन महिलाओं में खून की कमी या एनीमिया के खतरे को भी काफी हद तक कम कर देता है। इसके साथ ही मखाना महिलाओं में ब्लड शुगर के मैनेजमेंट में भी काफी मदद करता है।

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6. त्वचा के लिए मखाना के फायदे

मखाने में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट स्ट्रेस को कम करने का काम काफी अच्छे से करते हैं, जिससे स्ट्रेस का असर हमारी स्किन पर नहीं दिखता है। मखाने में मौजूद विटामिन ई स्किन को प्रॉपर नरिशमेंट प्रदान करने में कोई भी कमी नहीं करता, जिससे हमारी स्किन अच्छी रहती है। आयुर्वेद के अनुसार मखाने की तासीर ठंडी होती है, जो की सेंसेटिव स्किन वाले लोगों के लिए काफी फायदेमंद है।

सेंसेटिव स्किन में मखाना त्वचा को ठंडक पहुंचाता है, जिससे खुजली रैशेज से काफी हद तक छुटकारा मिल जाता है। मखाने में मौजूद विटामिन सी हमारी इम्यूनिटी को बढ़ाता है, जो कि हमारी त्वचा पर किसी भी प्रकार के इंफेक्शन को नहीं होने देता है। मखाने में मौजूद प्रोटीन नई स्किन के बनने तथा कटी, जली या फटी स्किन के रिपेयर प्रोसेस को काफी आसान कर देता है।

मखाना स्किन पर होने वाले एक्ने और पिंपल्स में भी काफी आराम देने का काम करता है, क्योंकि यह बॉडी में स्किन को हाइड्रेटेड बनाए रखने वाले विटामिन और मिनरल्स को बढ़ावा देता है। मखाना बॉडी में कोलाजन (Collagen) के प्रोडक्शन को भी बढ़ाता है, जिससे त्वचा में लचीलापन आता है।

7. एक्ने और मुंहासों के लिए मखाना के फायदे

मखाने के सेवन से एक्ने या पिंपल पर कोई भी सीधा प्रभाव नहीं पड़ता लेकिन इसमें पाए जाने वाले न्यूट्रिएंट्स विटामिन और मिनरल्स एक्ने और पिंपल पर असर दिखाते हैं। मखाना एक लो ग्लाईसेमिक इंडेक्स वाला फूड है जो की ब्लड में शुगर लेवल को अचानक से नहीं बढ़ाता है, हाई ग्लाईसेमिक इंडेक्स वाले फूड ब्लड में शुगर लेवल को अचानक से बढ़ा देते हैं, जो की एक्ने और पिंपल का कारण बनते हैं।

मखाने में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट स्किन को निखारने का काम करते हैं, जिससे एक्ने और पिंपल होने के आसार काफी कम हो जाते हैं। मखाने में मौजूद जिंक में बैक्टीरिया के जरिए स्किन को पहुंचने वाले नुकसान से बचाने की क्षमता होती है, जिससे एक्ने और पिंपल्स पर काफी अच्छा असर दिखता है। नई स्किन के बनने और रिपेयर के लिए प्रोटीन की काफी जरूरत होती है, जिसकी पूर्ति मखाने के द्वारा अच्छे से कर दी जाती है।

8. बच्चों के लिए मखाना के फायदे

मखाने को न्यूट्रिएंट्स से भरपूर पावर हाउस कहना गलत नहीं होगा क्योंकि इसमें इतनी तरह के विटामिन मिनरल और एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जैसे पोटेशियम, कैल्शियम, मैग्नीशियम, आयरन, फोलेट, फॉस्फोरस, जिंक, विटामिन सी, विटामिन ई, जो की बच्चों के प्रॉपर ग्रोथ और डेवलपमेंट में काफी अहम भूमिका रखते हैं। मखाने में पाए जाने वाला प्रोटीन बच्चों के मसल्स को डेवलप करने में बहुत तेजी से काम करता है, जिससे बच्चे की शारीरिक संरचना भी बेहतर होती जाती है।

इन सभी न्यूट्रिएंट्स और विटामिन के द्वारा बच्चों का दिमागी विकास भी काफी तेज गति से होता है। मखाने में कैल्शियम की मौजूदगी बच्चों की हाइट को भी काफी तेजी से बढ़ाने का काम करता है। बच्चों के लिए स्नैक्स के रूप में फास्ट फूड और अनहेल्दी स्नैक्स की जगह मखाना एक काफी बेहतर अल्टरनेटिव बन सकता है, जो बच्चों की पाचन क्रिया, हाइट, वेट, इम्यूनिटी और स्ट्रेंथ बढ़ाने का काम भरपूर रूप से करता है।

9. दूध के साथ मखाना के फायदे

मखाने में प्रोटीन भरपूर मात्रा में होता है और दूध में भी प्रोटीन की मात्रा काफी होती है। इस वजह से दोनों को साथ में लेने पर बॉडी के द्वारा प्रोटीन के डेली डोज को आसानी से पूरा किया जा सकता है। मखाना और दूध दोनों में कैल्शियम की मात्रा भरपूर होती है, इस वजह से इसका असर हमारी हड्डियों, इम्यूनिटी और दातों पर दिखाई देता है। आयुर्वेद में मखाना और दूध दोनों को ठंडक देने वाले खाद्य पदार्थ बताया गया है, इसलिए दोनों का एक साथ सेवन करने पर शरीर को ठंडक और हेल्दी रखता हैं।

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10. स्वास्थ्य लाभ में मखाने खाने के फायदे

मखाना आयरन और जिंक का एक अच्छा फूड सोर्स है जो की इम्युनिटी बढ़ाने में सबसे अहम किरदार निभाता है। आयरन और जिंक हमारे ब्लड सेल्स को ताकत देते हैं। जिनमें व्हाइट ब्लड सेल्स भी आती हैं, जो की हमारी इम्यूनिटी के लिए जिम्मेदार होती हैं। मखाने में सभी प्रकार के विटामिन बी और विटामिन ई पाए जाते हैं, जो की बॉडी के ओवरऑल फंक्शन को बेहतर बनाने का काम करते हैं।

मखाने में फाइबर की अच्छी मात्रा होने से हमारी पाचन क्रिया हेल्दी रहती है, जोकि इम्यूनिटी मजबूत करने में काफी सहायता करता है, क्योंकि पेट सही तो शरीर सही। पाचन क्रिया के सही रहने से बॉडी में न्यूट्रिएंट्स और मिनरल्स बॉडी में अच्छे से अब्जॉर्ब हो पाते हैं और बॉडी को पहले से बेहतर इम्यूनिटी मिलती है। मखाने में फैट की मात्रा भी काफी कम होती है जो की कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल में रखता है। इससे हार्ट के जरिए ब्लड फ्लो प्रॉपर बना रहता है और हमारी इम्यूनिटी भी अच्छी बनी रहती है।

11. मसूड़ों की सूजन कम करने में मखाना के फायदे

एंटी इन्फ्लेमेटरी और एंटीमाइक्रोबॉयल तत्वों से लैस होने के कारण मखाने के पानी से अगर आप कुल्ला करते हैं, तो यह दांतों के जो कीड़े होते हैं उन्हें धीरे-धीरे खत्म करता है और अगर आपके दातों में कहीं पर सूजन पैदा हो गई है, तो उन्हें भी छूमंतर करता है।

12. ब्लड प्रेशर में मखाना के फायदे

ब्लड प्रेशर की समस्या होने पर आदमी अचानक से ही हैरान परेशान हो जाता है और उसकी सांसे ऊपर नीचे होने लगती है। ऐसी सिचुएशन में अगर वह पहले से ही Makhana को खाना चालू कर देता है तो उसे ब्लड प्रेशर की समस्या में आराम मिल सकता है। इसके पीछे तर्क यह है कि मखाने में जो अलकोलाइट हाइपरटेंशन तत्व होता है, यह हाई ब्लड प्रेशर पर लगाम लगाने का काम करता है।

13. हृदय के लिए मखाना के फायदे

जिन भी लोगों को हाई ब्लड प्रेशर की समस्या होती है, ऐसे लोगों में अधिकतर डायबिटीज की प्रॉब्लम भी देखी जाती है। इसी आधार पर हम यह कह सकते हैं कि मखाना अगर ऐसे लोग खाना चालू कर देते हैं तो इससे हाई ब्लड प्रेशर की समस्या पर थोड़ा हद तक कंट्रोल पाया जा सकता है।

14. अनिद्रा में मखाना के फायदे

अनिद्रा यानी की नींद ना आने की प्रॉब्लम का सामना अगर आप लगातार कर रहे हैं, तो यह खतरे की घंटी साबित हो सकता है। इसे ठीक करने के लिए रात को 4-5 मखाने को मिक्सर में पीस करके हल्दी वाले दूध के साथ इसका सेवन करें। 8 से 10 दिनों के अंदर ही आपको अच्छी नींद आने लगेगी।

15. किडनी के लिए मखाना के फायदे

एनसीबीआई की वेबसाइट पर एक रिपोर्ट प्रकाशित हुई थी जिसमें यह बात कही गई थी कि मखाना किडनी को भी स्वस्थ रखने का काम करता है। दरअसल यह खाने का पाचन सही से करता है। इससे किडनी पर ज्यादा प्रेशर नहीं आता है।

मखाना बनाने की प्रक्रिया – Process of making Fox Nut in Hindi

मखाने की खेती भारत, नेपाल, चीन और जापान के कुछ हिस्सों में की जाती है। मखाना बनाने की प्रोसेस काफी लंबी और कठिन होती हैं। मखाने बनाने की प्रोसेस को पूरी डिटेल में नीचे बताया जा रहा है।

1. कटाई: मखाने बनाने का प्रोसेस कमल के फूल में पाए जाने वाले फल से होती हैं। यह हरे रंग का होता है और इसमें कई काले रंग और हरे रंग के छोटे छोटे बीज होते है। काले रंग वाले बीज पके हुए बीज होते है और इन्ही से मखाना बनता है। वही हरे रंग वाले बीज कच्चे होते है, जिन्हे अगले प्रोसेस में निकाल दिया जाता है। कमल के फलों की कटाई करके इनके फलों को अलग करना काफी हार्ड वर्किंग प्रोसेस हैं क्योंकि कमल के पत्ते काफी बड़े और काटों से भरे होते है, जो यदि स्किन पर लग जाए तो काफी सीरियस घाव बना देते है।

2. छटाई: फलों को फूल से अलग करने के बाद, इन फलों को कुछ समय के लिए पानी में रख दिया जाता है। इससे फलों का बाहरी हिस्सा पानी में गल जाता है और केवल पके हुए ठोस बीज ही बचते है, जिन्हे एक स्पेशल इक्विपमेंट के जरिए पानी से छान लिया जाता है और एक अलग पैकेट बना दिया जाता हैं।

3. सफाई: इस प्रोसेस में पके हुए बीजों की अच्छे से सफाई की जाती है, और केवल पके हुए और अच्छी क्वालिटी के बीजों को ही आगे मखाने बनाने के लिए भेजा जाता है। बचे हुए हरे और कच्चे बीजों को यहां पर निकाल दिया जाता है।

4. सुखाना: इस प्रोसेस में पके हुए बीजों को धूप में अच्छे से फैला दिया जाता है, जिससे बीजों के अंदर का सारा पानी सूख जाता है और आगे की प्रोसेस में कोई दिक्कत नही आती है।

5. भुनाई: बीजों के अच्छे से सूख जाने के बाद, अब इन्हें मिट्टी वाले चूल्हे पर मिट्टी के एक बड़े से बर्तन में भूना जाता है। इन बीजों को सिर्फ थोड़ी देर के लिए ही मिट्टी के बर्तन पर भूना जाता है, ज्यादा देर भूनने पर यह जल सकते है।

6. फोड़ना: इस प्रोसेस में भूने हुए बीजों को लकड़ी से फोड़ा जाता है। इससे इन बीजों के ऊपर का छिलका आसानी से निकल जाता है और फाइनल प्रोडक्ट के रूप में मखाना बन कर तैयार होता हैं।

7. पैकेजिंग: बीजों को फोड़ने के बाद मिले हुए मखाने को ठंडा करके, उसके साइज के अनुसार ग्रेड करके पैक कर दिया जाता है। मखाने का साइज जितना बड़ा होगा, उसकी कीमत उतनी ही अच्छी मिलेगी। पैकेजिंग हो जाने के बाद इससे अलग अलग जगहों पर सप्लाई के लिए भेज दिया जाता है।

मखाना खाने के नुकसान – Side Effects of Fox Nut in Hindi

मखाना के डिसएडवांटेज के बारे में कोई भी साइंटिफिक सर्टिफिकेट या फिर प्रूफ नहीं है, परंतु फिर भी कुछ पॉइंट के द्वारा हम इससे होने वाले संभावित डिसएडवांटेज आपको बता रहे हैं।

1. गैस की समस्या

फाइबर यह एक ऐसी वस्तु है, जो उन लोगों के लिए वरदान है जिनका खाना सही से नहीं पचता है, परंतु यह अधिक अगर आपके पेट में हो जाता है, तो गैस और पेट में ऐठन की प्रॉब्लम भी आपको दे सकता है। इसलिए मखाने को तय लिमिट में ही खाने का प्रयास करें।‌ इसकी ओवर ईटिंग से बचे।

2. एलर्जी

कुछ लोगों को कई चीजों से एलर्जी होती है। ऐसे में हो सकता है कि उन्हें मखाने से भी एलर्जी हो।‌ अगर उन्हें इससे एलर्जी है, तो इसे खाने से उन्हें बचना चाहिए और डॉक्टर से कंसल्ट कर लेना चाहिए।

मखाना में कौन से औषधीय गुण मौजूद हैं?

मखाने के औषधीय गुणों के बारे में नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन की वेबसाइट पर रिपोर्ट प्रकाशित हुई थी, जिसमें यह बताया गया था कि इसके अंदर एंटीट्यूमर, एंटी इन्फ्लेमेटरी, एंटीऑक्सीडेंट जैसे शानदार तत्व मौजूद होते हैं, जो इंसानों के पाचन तंत्र को बढ़िया करने का काम करते हैं।

इसके अलावा इसका सेवन करने से बुखार भी कुछ हद तक कंट्रोल किया जा सकता है, साथ ही फाइबर की पूर्ति भी बॉडी में अच्छी करने के लिए मखाने का सेवन किया जा सकता है। इस प्रकार से यह इंसानों के लिए अलग अलग तरीके से फायदेमंद माना जाता है।

मखाने के पोषक तत्व – Nutrients found in Fox Nut in Hindi

मखाने में पोषण भरपूर मात्रा में होता है और कई सारे पोषक तत्व बॉडी को प्रदान करता है, जिनमें प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट्स, फाइबर, पोटैशियम, मैग्नीशियम, कैल्शियम, फास्फोरस, जिंक और आयरन के साथ ही साथ विटामिन B और विटामिन E भी पाए जाते हैं। मखाने में पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट्स स्ट्रेस और इन्फ्लेमेशन को कंट्रोल में रखते है। मखाने में मौजूद फाइबर, पाचन क्रिया को अच्छा रखता है और पेट जल्दी भरने का काम करता है।

इससे जल्दी भूख नहीं लगती है और वजन कंट्रोल में रहता है। मखाने में मौजूद प्रोटीन मसल्स को ताकत देने का काम करता है और हमारे हार्ट को भी हेल्दी रखता है। मखाने में उपलब्ध कैल्शियम हमारे दातों और हड्डियों को भी मजबूत रखने में काफी हेल्प करता है। आयुर्वेद के अनुसार मखाना हमारे शरीर में मौजूद तीनों दोष, वात, पित्त और कफ को कंट्रोल में रखने का काम करता है। इसी के साथ मखाना बॉडी पर ठंडा प्रभाव डालता है, क्योंकि इसकी प्रकृति ठंडी होती है।

यदि कोई व्यक्ति दिन में 100 ग्राम भुने हुए मखाने का सेवन करता है तो उसे नीचे बताई गए मात्रा में न्यूट्रिएंट्स मिलते हैं।

पोषक तत्वमात्रा प्रति 100 ग्राम
कैलोरी347 किलोकैलोरी
प्रोटीन9 ग्राम
कार्बोहाइड्रेट्स76 ग्राम
शुगर 0.6 ग्राम
फैट0.1 ग्राम
फाइबर14 ग्राम
कैल्शियम56 मिलीग्राम
फॉस्फोरस188 मिलीग्राम
मैग्नीशियम91 मिलीग्राम
पोटैशियम350 मिलीग्राम
आयरन 6.5 मिलीग्राम
जिंक1.6 मिलीग्राम

मखाना कैसे नहीं खाना चाहिए?

किसी भी वस्तु को सीमित मात्रा में खाने से वह वस्तु औषधि से कम नहीं होती है, लेकिन यदि उसका सेवन सीमित मात्रा से ज्यादा मात्रा में किया जाए, तो वह वस्तु जहर के समान काम करती है। मखाने को कभी भी दीप फ्राई करके नही खाना चाहिए, इससे मखाना क्रंची तो हो जायेगा लेकिन आप दीप फ्राई मखाने के साथ हाई कैलोरी ले रहे होंगे, जो आपका वजन बढ़ा सकता है। इससे अच्छा है की आप मखाने को हल्के घी या मक्खन में हल्की आंच पर भूनकर खाए।

मखाने से जुड़ी किसी भी डिश को कभी भी ज्यादा मीठा या ज्यादा नमकीन या ज्यादा तीखा नही बनाना चाहिए, क्योंकि मखाना एक लो कैलोरी लो फैट सुपर फूड है, जिसमें अधिक मात्रा में चीनी मिलाने पर वह हाई कैलोरी डायट बन जाता है। मखाने को कभी भी असीमित मात्रा में नहीं खाना चाहिए क्योंकि यह वजन के बहुत ज्यादा कम होने का भी कारण बन सकता है। मखाना पेट को भरा रखने का काम करता है, तो मखाने के ज्यादा सेवन पर पेट हर समय भरा रहने की फीलिंग देगा और आपका किसी भी प्रकार का खाना खाने का मन नहीं करेगा।

अन्य भाषाओं में मखाना के नाम – Other names of Fox Nut in Hindi

मखाने को अलग-अलग प्रांत के हिसाब से अलग-अलग नाम से जाना जाता है। हिंदी भाषा में तो इसे मखाना कहा जाता है लेकिन अंग्रेजी में यह फॉक्स नट (Fox Nut) के नाम से काफी प्रसिद्ध है। कहीं-कहीं पर लोग मखाने को फूल मखाना भी कहते हैं। मखाने को गोर्गोन नट (Gorgon Nut) और कहीं-कहीं पर टाइगर नट (Tiger Nut) के नाम से भी जाना जाता है।

भाषाएंअन्य नाम
Hindiमखाना
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मखाने से जुड़ी गलत धारणाएं – Myth about Fox Nut in Hindi

लोगों के अंदर मखाने से जुड़ी हुई काफी गलत धारणाएं है, जिनके बारे में नीचे बताया जा रहा है। 

1. पहली गलत धारणा यह ही कि बहुत से लोगों के द्वारा यह माना जाता है कि मखाना एक हाई कैलोरी फूड है, लेकिन यह बिल्कुल गलत है। मखाना एक लो कैलोरी फूड है जिसे कहीं भी कभी भी आसानी से खाया जा सकता।

2. दूसरी गलत धारणा यह है कि बहुत से लोगों के द्वारा यह माना जाता है कि मखाना एक अधूरा खाद्य पदार्थ है, जो कि सरासर गलत है। मखाने में बहुत से विटामिन, मिनरल, और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो किसी अन्य खाद्य पदार्थ में मिलना काफी मुश्किल है। मखाने में पोटेशियम, कैल्शियम, मैग्नीशियम, आयरन, फोलेट जिंक और उच्च मात्रा में फाइबर होता है।

3. मखाने से जुड़ी लोगों के द्वारा मानी जाने वाली तीसरी गलत धारणा यह है कि लोग यह मानते हैं कि मखाने को सिर्फ व्रत में खाया जा सकता है। मखाने को आप कहीं भी कभी भी खा सकते हैं।

4. मखाने से जुड़ी चौथी गलत धारणा यह है कि लोग मानते हैं की मखाना डायबिटीज के पेशेंट के लिए सही नही है। लेकिन सच्चाई यह है कि मखाना डायबिटीज पेशेंट के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।

5. मखाने से जुड़ी पांचवी गलत धारणा यह है कि लोग मानते हैं कि मखाने को रोजाना के खाने में नहीं प्रयोग किया जाना चाहिए। लेकिन मखाने का प्रयोग कहीं भी कभी भी किसी भी डिश में किया जा सकता है। बहुत से लोग मखाने का रोजाना के खाने के साथ खाते है।

6. मखाने से जुड़ी छठी गलत धारणा यह है कि मखाने से वजन बढ़ता है। क्योंकि मखाना फूटे हुए ड्राई फ्रूट्स में आता है। इस वजह से लोग यह मानते हैं कि मखाने से वजन बढ़ता है, लेकिन सच यह है कि मखाना खाने से वजन कंट्रोल में रहता है।

मखाने की तासीर कैसी होती है?

आयुर्वेद के अनुसार किसी भी खाद्य पदार्थ की तासीर शरीर में पाए जाने वाले तीन दोष वात पित्त और कफ पर पड़ने वाले असर के अनुसार होती है, जो की उष्ण यानी गर्म, शीट यानी ठंडा और साम यानी न गर्म न ठंडा। मखाने की तासीर ठंडी होती है। ठंडी तासीर वाले खाद्य पदार्थ बॉडी में बनी ज्यादा गर्मी या फिर पित्त दोष को शांत करने का काम करते हैं।

मखाने का सेवन कैसे करना चाहिए?

मखाने को हल्के गिया मक्खन के साथ हल्की आंच पर भून कर खाना चाहिए।

मखाना खाने का सही तरीका क्या है?

भूंज कर खाएं, सलाद के साथ खाएं,पाउडर बनाकर खाएं

मखाना कहां पाया जाता है?

हमारे इंडिया में मुख्य तौर पर जम्मू-कश्मीर और बिहार यह दोनों ऐसे राज्य हैं, जहां पर इसकी बंपर पैदावार होती है।

मखाना का इस्तेमाल कैसे करें?

हमने इसके बारे में पहले ही आपको बता दिया है। इसलिए जिस प्रकार से आपको सूटेबल हो, आप उस प्रकार से इसका इस्तेमाल करें।

मखाने की खेती कैसे और कब होती है?

जून से लेकर के नवंबर के महीने में इसकी खेती होती है। इसकी फसल पानी के ऊपर उगती है।

1 दिन में कितना मखाना खाना चाहिए?

50 ग्राम से 70 ग्राम

मखाना का वानस्पतिक नाम क्या है?

यूरेल फ़ेरॉक्स सैलिस्बरी

क्या मखाने को उपवास में खाया जा सकता है?

जी हां

मखाना वास्तव में क्या होता है?

यह कमल का बीज होता है।

क्या सिर्फ बिहार और जम्मू-कश्मीर में ही मखाना की खेती होती है?

नहीं! उत्तर प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों में भी इसकी खेती होती है परंतु 85 परसेंट पैदावार बिहार में ही होती है।

मखाना कैसा दिखता है?

यह टेढा मेढा गोल गोल होता है और सफेद रंग का होता है तथा कथ्थे या फिर काले दाग इसके ऊपर होते हैं।

दूध और मखाने खाने के फायदे क्या है?

शारीरिक ताकत आती है।

मखाने की कौन सी प्रजाति को भारत सरकार के द्वारा जी आई टैग मिला हुआ है?

मिथिला मखाने को भारत सरकार द्वारा जी आई टैग मिला हुआ है।

मखाना किसके द्वारा खाया जा सकता है?

मखाना किसी भी पुरुष, महिला और बच्चे के द्वारा खाया जा सकता है। यह निर्भर नही करता कि वह हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज या किसी अन्य प्रकार की बीमारी से ग्रसित हो।

निष्कर्ष

आज के इस लेख में आपने जाना की मखाना क्या होता है? और मखाना के फायदे और नुकसान? (Fox Nut in Hindi) इस लेख को पूरा पढ़ने के बाद भी अगर आपके मन में Makhana Ke Fayde aur Nuksan को लेकर कोई सवाल उठ रहा है तो आप नीचे Comment करके पूछ सकते हैं। हमारी विशेषज्ञ टीम आपके सभी सवालों का जवाब देगी।

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Author
Akanksha Shree
आकांक्षा श्री ने पटना वीमेंस कॉलेज से इंग्लिश ऑनर्स में बैचलर्स और ट्रेवल एंड टूरिज्म में सर्टिफिकेशन कोर्स किया है। इन्होंने वर्ष 2023 में अपने करियर की शुरुआत स्वास्थ्य आधारित वेब पोर्टल से की थी। अब तक इनके 50+ से भी ज्यादा आर्टिकल प्रकाशित हो चुके हैं।

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