पिस्ता क्या होता है? पिस्ता (Pistachio) के फायदे, प्रकार, पोषक तत्व, उपयोग, नुकसान, आदि से जुड़ी सभी जानकारी – Pistachio in Hindi

आज हम जानेंगे पिस्ता के फायदे और नुकसान की पूरी जानकारी (Pistachio in Hindi) के बारे में क्योंकि सूखे मेवों में पता नही क्या खास बात होती है, जिससे इन्हे एक बार खा लो तो फिर चाहे जितना खाते जाओ, लेकिन मन नहीं भरता हैं। इन्ही मेवों में पिस्ता भी आता हैं। पिस्ता को बहुत से तरीके से खाया जाता है। पिस्ता में विटामिंस, मिनरल्स और न्यूट्रिएंट्स की भरमार है। इस वजह से पिस्ता को खाना शरीर के लिए काफी अच्छा है।

Pista को रोजाना खाने के बहुत फायदे हैं, जिनसे हमारी बॉडी ओवर ऑल हेल्दी रहती हैं। पिस्ता के इन्हीं सब बेनिफिट्स के बारे में पूरी जानकारी होना काफी जरूरी है, इसलिए आज का यह आर्टिकल हम Pista पर ही लाए है, कि Pista Kya Hai, पिस्ता खाने के फायदे, पिस्ता खाने के नुकसान, Pista in Hindi, पिस्ता खाने से मिलने वाले न्यूट्रिएंट्स, आदि जानकारी पूरी डिटेल्स के साथ वो भी Hindi में, इसलिए हमारे साथ अंत तक जरूर बने रहे और पिस्ता से संबंधित पूरी जानकारी हासिल करें।

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पिस्ता क्या होता है? – What is Pistachio in Hindi

Pistachio in Hindi
Pista Ke Fayde Aur Nuksaan

पिस्ता को अंग्रेजी भाषा में पिस्ताचीओस (Pistachios) कहते है। पिस्ते का वैज्ञानिक नाम पिस्तासिया वेरा (Pistacia vera) हैं। पिस्ते के पेड़ की ऊंचाई लगभग 10 मीटर के आस पास होती है। यह कद में छोटा होता है और अन्य पेड़ो जैसा ही होता है। पिस्ते के फल की लंबाई लगभग 10 से 12 मिलीमीटर और चौड़ाई 6 से 12 मिलीमीटर होती हैं। पिस्ते का फल हल्के हरे रंग का और इसका छिलका आमतौर पर हल्के पीले रंग का होता है। कई बार इसका छिलका गाढ़े पीले रंग का भी होता है।

पिस्ता दो तरह का होता है, एक जो छिलके के साथ आता है और दूसरा जो बिना छिलके का आता है। आमतौर पर रोजाना के सेवन में छिलके वाला पिस्ता ही खाया जाता है। जब पिस्ते का फल पिस्ते के पेड़ से गिरता या तोड़ा जाता है, तो उसे सीधा ही रोस्ट यानी भूना जाता है। हलका भूनने पर पिस्ते का फल अपना छिलका छोड़ देता है। इससे पिस्ते का छिलका हल्का सा चितक जाता है, और पिस्ते के ऊपर हल्का नमक दाल दिया जाता है। इसे हम रोस्टेड एंड साल्टेड पिस्ताचीओस (Roasted and Salted Pistachios) के नाम से जानते है।

दूसरा पिस्ता सादा पिस्ता होता है, जिसे पिस्ते के पेड़ से तोड़ने के बाद छिलके को अलग करके पैक कर दिया जाता है। पिस्ते में पाए जानें वाले विटामिन, मिनरल और एंटीऑक्सीडेंट बॉडी की ओवर ऑल हेल्थ को भी मेंटेन करते है, इससे हमारी बॉडी प्रॉपर तरीके से काम कर पाती है। साल्टेड पिस्ते को एक स्नैक के रूप में काफी पसंद किया जाता है। इसी के साथ पिस्ते का तरह तरह की मिठाइयों में काफी प्रयोग होता है।

पिस्ता का इतिहास – History of Pistachio in Hindi

पिस्ता की हिस्ट्री कई हजारों साल पुरानी है। पिस्ता मूलता एशिया महाद्वीप के ईरान देश में पैदा होता था। बाहर के देशों से आए व्यापारी और पर्यटकों ने पिस्ते के बीजों को सीरिया, ग्रीस और तुर्की तक पहुंचाया, तभी से ज्यादातर मिडल ईस्ट देशों में पिस्ते की खेती की जाने लगी। वेस्टर्न कंट्रीज तक पिस्ते की जानकारी पहुंचाने का श्रेय अलेक्जेंडर द ग्रेट को जाता है। अलेक्जेंडर द ग्रेट ने पिस्ते को सबसे पहले पर्शिया देश में देखा, जहां से पिस्ता वेस्टर्न देशों और रोमन एम्पायर तक पहुंचा।

रोमन एम्पायर में पिस्ता ऊंचे दर्जे के लोगो में काफी ज्यादा पॉपुलर हुआ। लगभग 19वीं सदी के स्टार्टिंग में पिस्ता मिडल ईस्ट से आए शरणार्तियो के जरिए यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ अमेरिका में पहुंचा, जहां उसकी खेती काफी तेजी से की जाने लगी। आज के समय में यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ अमेरिका (मुख्यता कैलिफोर्निया), ईरान और तुर्की में सबसे ज्यादा पिस्ते की खेती है। आज दुनिया भर में खरीदा और बेचा जा रहा पिस्ता ज्यादातर इन्ही देशों से आता है। इसकी संभावना काफी अधिक है कि आप इस समय जो पिस्ता खा रहे है, वो भी इन्ही तीन देशों में से किसी एक देश से आया हो।

पिस्ता के प्रकार – Types of Pistachio in Hindi

दुनिया भर में कई देशों में पिस्ता की खेती की जाती है। अलग अलग देशों में की जा रही पिस्ता की खेती के अनुसार दुनिया भर में कई तरह की पिस्ता की प्रजाति पाई जाती है। पिस्ता के प्रकार के बारे में नीचे विस्तार से बताया जा रहा है।

कर्मन (Kerman): कर्मन प्रजाति की खेती मूलतः ईरान में की जाती है। यह पिस्ता अपने चमकीले हरे रंग और बड़े साइज के लिए फेमस है।

अहमद अघाई (Ahmed Aghaei): इस प्रजाति के पिस्ता की खेती भी ईरान में ही की जाती है। यह पिस्ता अपने स्वाद और लंबे आकार की वजह से काफी प्रसिद्ध है।

अकबरी (Akbari): अकबरी पिस्ता की खेती भी ईरान में ही की जाती है। यह पिस्ता अपने बड़े आकार और दिखने में काफी अच्छे होने की वजह से फेमस है।

बादामी (Badami): इस पिस्ता की खेती ईरान और आस पास के इलाकों में की जाती है। यह पिस्ता आकार में लंबा और पतला होता है, और अपने स्वाद की वजह से काफी पसंद किया जाता है।

शीर्ट (Siirt): शीर्ट प्रजाति के पिस्ता की खेती तुर्की में की जाती है। यह पिस्ता आकार में ईरानी पिस्तों से छोटे होते है, लेकिन अपने इंटेंस फ्लेवर के लिए जाने जाते है।

कैलिफोर्निया पिस्ता (California Pista): हम सभी ने कैलिफोर्निया आलमंड का नाम तो बहुत सुना है, लेकिन कैलिफोर्निया का पिस्ता भी भारत में काफी मात्रा में इंपोर्ट किया जाता है। कैलिफोर्निया में पिसते की तीन प्रजातियों की खेती की जाती है।

कर्मन (Kerman): इस पिस्ता की खेती ईरान में की जाती है, लेकिन कैलिफोर्निया में भी इस प्रजाति की ही सबसे ज्यादा खेती होती है।

पीटर्स (Peters): इस प्रजाति के पिस्ता की खेती भी कैलिफोर्निया में काफी की जाती है। यह पिस्ता अपने बड़े आकार और काफी अच्छा दिखने की वजह से पसंद किया जाता है।

लॉस्ट हिल्स (Lost Hills): यह पिस्ता भी कैलिफोर्निया में उगाया जाता है। यह प्रजाति अपने हाई क्वालिटी के पिस्ता और अच्छे स्वाद की वजह से दुनिया भर में पसंद की जाती है।

पिस्ता का उपयोग – Uses of Pistachio in Hindi

पिस्ता का उपयोग लोग अपनी जरूरतों के हिसाब से करते है। बहुत से लोगो को पिस्ता कच्चा ही खाना पसंद होता है, वही बहुत से लोगो को भूना और नमकीन पिस्ता खाना पसंद होता है। इसी प्रकार से पिस्ता का उपयोग बहुत सी तरह से होता है, जिनके बारे में हम नीचे विस्तार से बता रहे है।

सामान्य उपयोग:

सामान्य रूप से लोग पिस्ता को खाना काफी पसंद करते है। मार्केट में मिलने वाला पिस्ता ज्यादातर भूना हुआ ही होता है, जिसे लोग हल्का नमकीन खाना काफी पसंद करते है।

पाक संबंधी उपयोग:

पिस्ता का उपयोग सब्जियों में भी होता है। पिस्ता सब्जी में करी को गाढ़ा करने का काम करता है और साथ ही में सब्जी का स्वाद भी कई गुना बढ़ाता है।

बहुत सी जगह पर पिस्ता का उपयोग राइस पिलाफ (Rice Pilaf) और कस कस (CousCous) जैसी डिशेज बनाने में काफी मात्रा में किया जाता है। इसके अलावा पिस्ता का बहुत सी मीट और पोल्ट्री डिशेज में भी उपयोग होता है।

इंडिया में पिस्ता का उपयोग मीठे में काफी होता है। पिस्ता बर्फी, पिस्ता लड्डू, में पिस्ता का पेस्ट बनाकर पिस्ता का उपयोग किया जाता है।

पिस्ता का उपयोग केक, पेस्ट्री और आइस क्रीम बनाने में भी किया जाता है। पिस्ता का फ्लेवर केक और पेस्ट्री के फ्लेवर काफी बढ़ा देता है।

पिस्ता का उपयोग हेल्दी स्नैक बार बनाने में भी होता है। इसे अन्य ड्राई फ्रूट्स, गुड और अन्य कई वस्तुओं के साथ मिलाकर एक हेल्दी स्नैक बार बनाई जाती है, जोकि कही भी कभी भी आसानी से खाई जा सकती है।

गार्निशिंग में उपयोग:

पिस्ता को पतला काट कर गार्निश करने में भी उपयोग किया जाता है। ठंड के मौसम में पिस्ता और दूसरे सूखे मेवों को पतला काट कर मक्खन पर डाल दिया जाता है, इससे मक्खन का स्वाद काफी अच्छा लगता हैं। पिस्ता जैसे और भी सूखे मेवों को काट कर गार्निशिंग करने से डिश काफी खूबसूरत लगने लगती है।

मध्य पूर्वी देशों में उपयोग:

मिडल ईस्ट देशों में प्रसिद्ध बकलावा जैसी डिशेज में पिस्ता का काफी ज्यादा उपयोग होता है।

मिक्सचर:

पिस्ता को कई सारे और सूखे मेवों जैसे किशमिश, काजू, बादाम, अलसी, सूरजमुखी बीज, कद्दू बीज आदि के साथ मिलाकर खाया जाता है। इसे ट्रेल मिक्स (Trail Mix) कहते है। यह एक टेस्टी और हेल्दी स्नैक बन जाता है। इसे सूखा या गर्म दूध में डाल कर खाने से इसका स्वाद कई गुना बढ़ जाता है। इसे दूध के साथ नाश्ते में खाने से शरीर की ओवर ऑल हेल्थ काफी अच्छी रहती है।

बटर और स्प्रेड में उपयोग:

हल्के भुने हुए पिस्ता को पीस कर इसका बटर और स्प्रेड बनाया जाता है। इसे ब्रेड या रोटी पर लगा कर और सादा भी खाया जाता है। इसका टेस्ट काफी स्वादिष्ट होता है।

ड्रिंक में उपयोग:

मार्केट में आज पिस्ता से बने हुए पिस्ताचियो मिल्क, पिस्ताचियो शेक और पिस्ताची स्मूदी काफी पसंद की जाती है।

पेस्ट में उपयोग:

बहुत से लोग पिस्ता का पेस्ट बना कर पास्ता और सलाद आदि में करते है, इससे पास्ता और सलाद का स्वाद काफी बढ़ जाता है।

पिस्ता का उपयोग पिस्ता सॉस या चटनी बनाने में भी होता है। पिस्ता के यूनिक फ्लेवर और टेक्सचर की वजह से इसका सॉस या चटनी एक अलग तरह का फ्लेवर देती है।

उपहार में उपयोग:

कई जगहों पर लोग सूखे मेवों को उपहार में भी देते है, इसमें पिस्ता अपनी क्वालिटी की वजह से एक प्रीमियम उपहार का काम करता है।

सजावट में उपयोग:

पिस्ता के छिलके का उपयोग सजावट में भी होता है। बहुत से घरों में पिस्ता के छिलके को शीशे के किनारे या फिर किसी अन्य डेकोरेशन वाले आइटम पर लगाने से उसकी सुंदरता काफी बढ़ जाती है।

चेहरे पर उपयोग:

लोग पिस्ता के पेस्ट को चेहरे पर भी लगाते है। इसके अलावा बहुत से स्किन केयर प्रोडक्ट्स में भी पिस्ता का काफी मात्रा में उपयोग होता है।

पिस्ता के फायदे – Benefits of Pistachio in Hindi

पिस्ता जरूरी न्यूट्रिएंट्स जैसे प्रोटीन, फाइबर, हेल्दी फैट, विटामिन बी6, थियामिन, मिनरल्स जैसे फॉस्फोरस, मैग्नीशियम, पोटेशियम से भरा हुआ है। पिस्ते में पाए जानें वाले हेल्दी फैट हार्ट को हेल्दी रखते है। इसके साथ ही ये हेल्दी फैट बॉडी में डाइजेशन प्रोसेस के दौरान विटामिन E के बेहतर पाचन में भी काफी मदद करता है। इसके साथ ही पिस्ते में मौजूद फाइबर और प्रोटीन वजन को कंट्रोल में रखने का काम बखूबी करते है।

डायबीटिक पेशेंट के लिए भी पिस्ता खाना काफी अच्छा है। पिस्ता डायबिटिक पेशेंट्स में ब्लड शुगर को अच्छे से हैंडल करता है। पिस्ते में लूटियेन और जियाजैनथीन आंखों को भी हेल्दी रखते है। पिस्ता रोजाना के प्रोटीन इंटेक को भी काफी अच्छे से पूरा करता है। पिस्ते में मौजूद फाइबर पाचन तंत्र को मजबूत करने में काफी मदद करता है।

पिस्ते में पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट्स बॉडी की ओवर ऑल हेल्थ को भी मेंटेन करते है। इसके अलावा ये एंटी ऑक्सीडेंट स्किन को भी हेल्दी रखते है। स्किन को हेल्दी रखने के साथ ही साथ, यह स्ट्रेस को भी कम करने और मूड को अच्छा करने का काम भी काफी अच्छे से करते है।

1. गर्भावस्था के दौरान पिस्ता के फायदे

प्रेगनेंसी में सूखे मेवे खाने की सलाह हर कोई देता है, क्योंकि सूखे मेवों में मौजूद विटामिन और मिनरल बच्चे के पूर्ण विकास में काफी सहायक होते हैं। पिस्ते में मौजूद फोलेट बच्चो में न्यूरल ट्यूब के डेवलपमेंट और मेंटल ग्रोथ के लिए जिम्मेदार होता हैं। यह बच्चो में न्यूरल ट्यूब से जुड़ी बीमारियां होने से भी बचाता है।

पिस्ता में आयरन की मौजूदगी महिलाओं में प्रेगनेंसी के दौरान खून में हेमोग्लोबिन की कमी को पूरा करता है। प्रेगनेंसी में महिलाओं में खून की कमी बच्चे के विकास की वजह से काफी होती है। इसी वजह से डॉक्टर प्रेगनेंसी में आयरन सप्लीमेंट्स खाने को कहते है।

पिस्ते में मौजूद फाइबर डाइजेस्टिव सिस्टम को भी हेल्दी रखते है क्योंकि प्रेगनेंसी में बच्चे के विकास से यूटरस काफी तेजी से बढ़ता है। इससे प्रेग्नेंट महिलाओं के डाइजेस्टिव सिस्टम पर काफी ज्यादा प्रेशर पड़ने लगता है। इसी के साथ ये फाइबर नित कर्म को रेगुलर करते है, जिससे आंतें भी हेल्दी होने लगती है और बॉडी न्यूट्रिएंट्स का बैटर अब्जॉर्प्शन कर पाती है। इसका असर प्रेग्नेंट महिलाओं की स्किन और ओवर ऑल हेल्थ पर काफी जल्दी देखने को मिलता है। पिस्ते के सेवन से प्रेग्नेंट महिलाओं में थकावट भी दूर हो सकती है, क्योंकि प्रेग्नेंट महिलाएं थकावट से काफी परेशान रहती है।

2. ब्रेस्टफीडिंग के दौरान पिस्ता के फायदे

ब्रेस्टफीडिंग करा रही महिलाओं का बॉडी स्ट्रक्चर और प्रेग्नेंट महिलाओं का बॉडी स्ट्रक्चर काफी अलग होता हैं। डिलीवरी हो जाने के बाद महिला का शरीर रिस्ट्रक्चर होने लगता है, क्योंकि अब उसे बच्चे को पालना है। इस वजह से प्रेग्नेंट महिला और ब्रेस्टफीडिंग करा रही महिला, दोनो पर पिस्ता खाने के अलग अलग फायदे होते है।

पिस्ते में मौजूद विटामिंस और मिनरल्स की वजह से यह ब्रेस्टफीडिंग करा रही महिला की ओवर ऑल हेल्थ को मैनेज करने के साथ ही साथ मिल्क प्रोडक्शन को भी बढ़ाता है। जिससे बच्चे को कंप्लीट न्यूट्रिशन मिल सके और बच्चा काफी तेजी से ग्रो करे।पिस्ते में मौजूद हेल्दी फैट और प्रोटीन, पोस्टपार्टम यानी डिलीवरी के बाद का समय, जो आमतौर पर 6 हफ्तों का होता है, उससे रिकवर करने में मदद करते है।

पिस्ते में मौजूद ओमेगा-3 फैटी एसिड्स ब्रेन डेवलपमेंट के लिए काफी जरूरी है, और ब्रेस्टफीड कर रहे बच्चें के लिए भी बेनिफिशियल होते है। पिस्ते में मौजूद कैल्शियम और फॉस्फोरस मां और ब्रेस्टफीड कर रहे बच्चें दोनो में बोन हेल्थ को सपोर्ट करते है। इसके साथ ही पिस्ते में मौजूद फाइबर और प्रोटीन पेट को भरा रख कर, वेट मैनेजमेंट में मदद करते है।

3. महिलाओं में एस्ट्रोजन को मेंटेन रखने में पिस्ता के फायदे

किसी भी हार्मोन के बनने के लिए विटामिन और मिनरल की जरूरत पड़ती है। इसी तरह से पिस्ते में मौजूद विटामिंस और मिनरल्स महिलाओं में सेक्स हार्मोन, एस्ट्रोजन को बनाने के लिए जिम्मेदार होता है। पिस्ते में मौजूद विटामिन E, विटामिन B6, और जिंक हार्मोनल बैलेंस को मेंटेन करते है, जिससे एस्ट्रोजन हार्मोन का लेवल भी बैलेंस रहता है।

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पिस्ते में मौजूद फाइबर बॉडी से एक्सेस हार्मोन को बाहर निकालने का काम भी करते है। पिस्ते में मौजूद लूटियेन और जियाजैनथीन बॉडी को ओवर ऑल हेल्दी रखते है, जिससे भी बॉडी में हार्मोनल बैलेंस बना रहता है। पिस्ते में फाइटोस्टेरोल्स होते है, जिससे बॉडी में हल्का एस्ट्रोजेनिक इफेक्ट होता है, लेकिन इसका बॉडी पर कोई ह्यूज इंपैक्ट देखने को नहीं मिलता है।

4. महिलाओं के लिए पिस्ता के फायदे

पिस्ता के सेवन से पिस्ता में मौजूद हेल्दी फैट, बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करके हार्ट हेल्थ रखने का काम करते है। महिलाओ में वजन को लेकर काफी चिंता रहती है, इसमें पिस्ता के सेवन से पिस्ता में मौजूद प्रोटीन, फाइबर और फैट्स पेट को भरा रखने का काम करते है, जिससे वेट मैनेजमेंट में काफी मदद मिलती है। पिस्ता से रोजाना की जरूरत के अनुसार काफी विटामिन और मिनरल्स मिल जाते है। इससे हमारा शरीर ओवर ऑल हेल्दी रहता हैं।

पिस्ता एक लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स फूड है, जो डायबिटिक पेशेंट के लिए भी काफी अच्छा हैं। पिस्ता डायबिटिक पेशेंट्स में ब्लड शुगर को मैनेज करने का काम करता हैं।पिस्ता में लूटियेन और जियाजैनथीन की मौजूदगी आंखों को भी हेल्दी रखते है और एंटीऑक्सीडेंट्स के साथ स्ट्रेस को काम करते है। पिस्ता में मौजूद विटामिन E, सेल रिजनरेशन और इंटरनल डैमेज से बचाता है, इससे हमारी स्किन भी हैल्डी रहती है।

पिस्ता में मौजूद फॉस्फोरस, मैग्नेशियम जैसे मिनरल्स काफी होते है, जो बोन ग्रोथ के लिए जरूरी है। पिस्ता हार्मोनल डिसबैलेंस को भी बैलेंस करने की कोशिश करते है। पिस्ता में मौजूद विटामिन B6 की  वजह से इसके सेवन से हार्मोनल बैलेंस बना रहता है और मेंस्ट्रुअल हेल्थ भी हेल्दी रहती है। इसके साथ ही विटामाइन B6 हेल्टडी ब्रेन फंक्शन के लिए भी काफी जिम्मेदार होता हैं। पिस्ता का रोजाना सेवन से कार्डियोवैस्कुलर डीसीसेस से बचाया जा सकता है।

5. पुरुषों के लिए पिस्ता के फायदे

महिलाओं और पुरुषों की शारीरिक रचना में कोई बहुत ज्यादा अंतर नहीं होता है। इस वजह से पुरुषों में भी पिस्ता खाने के वही फायदे होते है, जो महिलाओं में पिस्ता खाने से होता है। महिलाओं में पिस्ता खाने से हार्मोनल बैलेंस बना रहता है, जिससे मेंस्ट्रुअल हेल्थ बनी रहती है, लेकिन पुरुषों में पिस्ता खाने से सेक्सुअल हेल्थ पर काफी असर पड़ता है।

पिस्ता में मौजूद अर्जिनाइन (Arginine) पुरुषों में इरेक्टाइल फंक्शन और सेक्सुअल हेल्थ पर असर करता हैं। इसके साथ ही पिस्ता सेक्स की उत्तेजना के लिए जिम्मेदार हार्मोन, टेस्टेस्टरोन को बढ़ाने का काम करता है।

6. पुरुषों में प्रजनन क्षमता को बढ़ाने के लिए पिस्ता खाने के फायदे

पिस्ता में मौजूद विटामिंस और मिनरल्स, रिप्रोडक्टिव हेल्थ पर पॉजिटिव इंपैक्ट डालते है। पिस्ता में मौजूद जिंक, पुरुष में सेक्स हार्मोन टेस्टेस्टरोन के प्रोडक्शन को बढ़ाता है। पिस्ता में आर्जिनाइन के मौजूदगी ब्लड फ्लो को मेनटेन करने के साथ ही साथ पहले से काफी अच्छा कर देता है, जिससे सेक्स के दौरान पेनिस तक ब्लड फ्लो बना रहता है। पुरुषों में स्ट्रेस रिप्रोडक्टिव हेल्थ पर नेगेटिव इंपैक्ट करता है, जिसे पिस्ता में मौजूद एंटी ऑक्सीडेंट दूर करने का काम करता है। पिस्ता का मौजूद विटामिन B6, थियामिन, फॉस्फोरस, मैग्नीशियम, और पोटेशियम बॉडी को ओवर ऑल हेल्दी रखते है, जिससे रिप्रोडक्टिव हेल्थ पर काफी असर पड़ता है

7. मधुमेह में पिस्ता खाने के फायदे

पिस्ता का ग्लाइसेमिक इंडेक्स काफी कम होता है, जिससे इसका ब्लड शुगर लेवल पर धीमा इंपैक्ट होता है। मतलब पिस्ता में मौजूद नेचुरल शुगर ब्लड में काफी धीरे धीरे घुलती है। इस वजह से डायबिटिक पेशेंट के लिए पिस्ता का सीमित मात्रा में सेवन फायदेमंद है। पिस्ता फाइबर का भी एक अच्छा सोर्स है, फाइबर बॉडी में शुगर के अब्सोर्पशन को धीमा करता है, जिससे ब्लड शुगर कंट्रोल में रहती है। पिस्ता में हेल्दी फैट्स की मौजूदगी हार्ट को भी हेल्दी रखता है। यह फाइबर कार्डियोवैस्कुलर हेल्थ को मेंटेन करते है।

पिस्ता में मौजूद प्रोटीन और फाइबर पेट को भरा रखने का काम करते है, जिससे भूख बार बार नही लगती है और वजन के साथ ही साथ शुगर इंटेक भी कंट्रोल में रहता है। पिस्ता मैग्नीशियम और फॉस्फोरस का एक अच्छा सोर्स है, जो बॉडी में ग्लूकोज को मेंटेन करते है, और इंसुलिन के प्रोडक्शन को बढ़ाने है। पिस्ता डायबिटिक पेशेंट्स के लिए एक अच्छा और हेल्दी स्नैक भी है, जिसे आराम में खाया जा सकता है। यह डायबिटिक पेशेंट्स में मीठा खाने के तलब को कम करते है।

8. वजन कम करने में पिस्ता के फायदे

पिस्ता मैं प्रोटीन की मात्रा काफी अच्छी होती है, जो कि पेट के भारी होने की फीलिंग देते रहते हैं। इससे भूख कम लगती है और ओवर ऑल कैलोरी इनटेक कंट्रोल में रहता है। पिस्ता में मौजूद फाइबर डाइजेशन को अच्छा करते हैं, जिस भी भूख कम लगती है। इससे वजन को कम कर रहे लोग ज्यादा खाने से बच सकते हैं। पिस्ता में मौजूद हेल्दी फैट भी पेट को भारत रखते हैं। पिस्ता में कैलोरी भी काफी कम होती है, जो की वजन कम कर रहे लोगों के लिए यह एक हेल्दी स्नैक बन जाता है। पिस्ता एक लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाला ड्राई नट है, जो ब्लड में शुगर को धीरे-धीरे रिलीज करता है।

ब्लड में शुगर के धीरे-धीरे रिलीज होने से यह कुछ हद तक भूख पर भी कंट्रोल रखता है। पिस्ता के ऊपर का छिलका भी ज्यादा खाने से बचा सकता है, क्योंकि पिस्ता का छिलका छीलने में समय लगता है, जो की समय बीतने के साथ भूख को भी कम कर देता है। वजन कम करने के दौरान ओवर ऑल बॉडी को हेल्दी रखने भी काफी जरूरी होता है, इसलिए वजन कम करने के दौरान पिस्ता खाने से बॉडी को जरूरत के अनुसार विटामिन और मिनरल जैसे विटामिन B6, थियामाइन, फॉस्फोरस, मैग्नीशियम मिल जाते हैं। पिस्ता मेटाबॉलिज्म को बढ़ाने का भी काम काफी अच्छे से करता है।

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9. त्वचा के लिए पिस्ता के फायदे

पिस्ते में मौजूद हेल्दी फैट स्किन को हाइड्रेटेड रखते हैं, जिससे स्किन हेल्दी बनी रहती है। पिस्ते में मौजूद विटामिन A स्किन के लिए काफी हेल्पफुल होता है, क्योंकि विटामिन ई को स्किन हेल्दी रखने के लिए जाना जाता है। विटामिन ए में स्किन नरिशिंग प्रॉपर्टीज होती हैं जिससे हमारी स्किन नरिष्द रहती है। पिस्ते में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट स्ट्रेस को खत्म करने के साथ ही साथ सूरज की यूवी किरणों से बचाते है, जिससे भी स्किन हेल्दी रहती हैं।

पिस्ते में कॉपर की भी कुछ मात्रा पाई जाती है जो की कोलाजन बनाता है, कोलाजन स्किन को लचीला और मजबूत बनाने का काम करता है।पिस्ते में इन्फ्लेमेशन को कम करने वाली प्रॉपर्टीज भी होती हैं, जो की स्किन में कहीं भी हो रहे इन्फ्लेशन को कम करती है, और एक्ने वा पिंपल्स को भी कम करने का काम करती है।

पिस्ते मैं मौजूद विटामिन B6 स्किन को रिपेयर और दोबारा बनाने के प्रोसेस को बढ़ाता है, इससे सूखी और फटी हुई स्क्रीन जैसी स्थितियों से छुटकारा मिल सकता है। पिस्ते में पोटेशियम की मौजूदगी ब्लड सर्कुलेशन को बढ़ाता है, जिससे बॉडी के हर कोने में स्किन को न्यूट्रिएंट्स की प्रॉपर सप्लाई होती रहती है। पिस्ते में पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट और न्यूट्रिएंट्स प्रीमेच्योर एजिंग को भी रोकते हैं। पिस्ते के रोजाना सेवन से त्वचा पहले के मुकाबले काफी दमकने लगती है।

10. बालो के लिए पिस्ता के फायदे

पिस्ता में मौजूद विटामिन और न्यूट्रिएंट्स के कारण, यह बालों पर काफी अच्छा असर करता हैं। पिस्ता में बायोटीन काफी मात्रा में होता है, जो की हेल्दी हेयर के लिए जिम्मेदार होता है। बायोटीन बॉडी में केराटिन के प्रोडक्शन को बढ़ाता है, जो की बालों का मूल आधार है।

पिस्ता में मौजूद विटामिन और मिनरल्स, जिनमें विटामिन A, कॉपर, और जिंक बालों की ओवरऑल हेल्थ को अच्छा रखने में मदद करते हैं। पिस्ता में मौजूद विटामिन A हेयर फॉलिकल्स को स्ट्रेस से बचते हैं, जिससे हेल्दी और मजबूत बाल बनते हैं।पिस्ता में मौजूद फैटी एसिड स्कैल्प को हेल्दी रखने के साथ ही साथ मॉइश्चराइजर रखते हैं, जिससे स्कैल्प ड्राई नहीं होता है और हेयर फॉलिकल्स को न्यूट्रिशन मिलता रहता है। रिश्ते में मौजूद कॉपर कोलाजन के बनने को बढ़ावा देता है, जो की बालों में मजबूती और लचीलापन लाता है।

पिस्ता ब्लड सर्कुलेशन को भी मेंटेन रखना है, जिससे हेयर फॉलिकल्स तक न्यूट्रिएंट्स पहुंचते रहते हैं। पिस्ता में मौजूद बायोटीन, बालों को झड़ने से भी बचाता है। पिस्ता में मौजूद बायोटीन, विटामिन A और हेल्दी फैट बालो को ड्राई होने से बचाते हैं, जिससे उनका टूटना कम हो जाता है।

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11. हार्ट हेल्थ के लिए पिस्ता के फायदे

पिस्ता में मौजूद हेल्दी फैट बॉडी में बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करते है, जिससे कार्डियोवैस्कुलर डिसीज होने का खतरा काफी कम हो जाता है। यह हेल्दी फैट बॉडी में कोलेस्ट्रॉल को भी कम करते हैं, जिससे हार्ट की हेल्थ बनी रहती है। पिस्ता में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट स्ट्रेस और इन्फ्लेमेशन को कम करते हैं, जिससे हार्ट से जुड़ी बीमारियों का रिस्क कम हो जाता है। पिस्ता में मौजूद पोटैशियम ब्लड प्रेशर को मेंटेन रखना है, जिससे हाइपरटेंशन और हार्ट अटैक का खतरा भी काफी कम हो जाता है।

पिस्ता ब्लड वेसल के फंक्शन को भी अच्छा करने का काम करता है, जिससे हार्ट पर प्रेशर कम पड़ता है और ब्लड फ्लो मेंटेन रहता है।पिस्ता में मौजूद हेल्दी फैट्स गुड कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाकर और बैड कोलेस्ट्रॉल को घटाकर लिपिड प्रोफाइल पर पॉजिटिव इंपैक्ट डालते हैं। हार्ट को हेल्दी रखने के लिए बॉडी के वेट को मैनेज करना भी काफी जरूरी होता है। पिस्ता में मौजूद फाइबर और प्रोटीन पेट को भरा रखते हैं, जिससे वजन कंट्रोल में रहता है।

पिस्ता के सेवन से ब्लड शुगर भी कंट्रोल में रहता है, जो की हार्ट पर सीधा इंपैक्ट करता है। पिस्ता मेटाबॉलिज्म को भी अच्छा रखता है जिससे हार्ट और बॉडी को ओवर ऑल हेल्दी रखता है।

12. आंखों के लिए पिस्ता के फायदे

पिस्ता में लूटियेन और जियाजैनथीन की मौजूदगी आंखो को हेल्दी रखने के साथ ही साथ बढ़ती उम्र के साथ होने वाली आंखो की रोशनी को कम होने से भी रोकते है। लूटियेन और जियाजैनथीन आंखों को सूरज की यूवी किरणों से बचाते हैं, जिससे आंखो मे जलन और आंखे सूखती नही है। पिस्ता में मौजूद विटामिन ई आंखों में होने वाले स्ट्रेस को खत्म करता है। पिस्ता में मौजूद पोटैशियम बॉडी में ब्लड सर्कुलेशन को अच्छा करने के लिए जाना जाता है, इसलिए पिस्ता आंखो तक ब्लड सर्कुलेशन अच्छा रखता है।

जिससे आंखों को प्रॉपर न्यूट्रिशन मिलता रहता है और आंखें हेल्दी रहती हैं। पिस्ता में मौजूद एंटी इन्फ्लेमेटरी प्रॉपर्टीज के कारण पिस्ता आंखों में किसी भी प्रकार के इन्फ्लेमेशन को काम करता है। पिस्ता में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट आंखों में होने वाले ग्लूकोमा से भी आंखो को बचाता है। पिस्ता विटामिन B6, थियामाइन, फास्फोरस और मैग्नीशियम का काफी अच्छा सोर्स है, जो की आंखों को जरूरत के अनुसार न्यूट्रिएंट्स प्रोवाइड करता हैं।

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13. सूजन या इन्फ्लेमेशन में पिस्ता के फायदे

पिस्ता में सीमित मात्रा में ओमेगा 3 फैटी एसिड पाए जाते हैं, जिन्हें एंटी इन्फ्लेमेटरी प्रॉपर्टीज के लिए जाना जाता है। यह फैटी एसिड बॉडी में इन्फ्लेमेशन और स्वेलिंग को कम करते हैं। पिस्ता में मौजूद विटामिन ई स्किन को मॉइश्चराइज रखकर भी इन्फ्लेमेशन और स्वेलिंग में मदद करते हैं। इन्फ्लेमेशन और स्वेलिंग में स्किन का मॉइश्चराइज रहना काफी जरूरी होता है, क्योंकि इससे स्किन को रिकवर करने में आसानी होती है।

पिस्ता में मौजूद फाइटोकेमिकल्स भी इन्फ्लेमेशन और स्वेलिंग में कमी लाते हैं। रिश्ते में मैग्नीशियम का कंटेंट भी काफी हाई होता है, यह भी इन्फ्लेमेशन को रेगुलेट करने में मदद करता है। पिस्ता ब्लड शुगर को भी रेगुलेट करता है क्योंकि हाई ब्लड शुगर होने से भी स्किन में स्वेलिंग या इन्फ्लेमेशन हो सकती है।

14. ब्रेन हेल्थ के लिए पिस्ता के फायदे

पिस्ता में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट विटामिन ए और पॉलिफिनॉल्स ब्रेन में स्ट्रेस से लड़ते हैं , जिससे ब्रेन रिलैक्स रहता है और प्रॉपर फंक्शन कर पता है। पिस्ता में मौजूद विटामिन बी6 सेरोटोनिन और डोपामिन जैसे न्यूरोट्रांसमीटर के बनने में काफी अहम भूमिका निभाता है, ये न्यूरोट्रांसमीटर्स मूड को रेगूलेट करते है। पिस्ता में मौजूद कॉपर और आयरन रेड ब्लड सेल्स के बनने के लिए जरूरी होते हैं। इससे ब्रेन तक ऑक्सीजन युक्त ब्लू पहुंचता है जो कि ब्रेन को हेल्दी रखता है।

पिस्ता में मौजूद हेल्दी फैट्स ब्लड फ्लो को अच्छा करने का काम करते हैं, जिससे हमारा ब्रेन बेटर परफॉर्म करता है।पिस्ता में मौजूद फास्फोरस और मैग्नीशियम ब्रेन सेल्स को मेंटेन करते हैं और नर्व फंक्शन में अहम भूमिका निभाते हैं। पिस्ता में मौजूद प्रोटीन और अमीनो एसिड टायरोसिन और ट्राइप्टोफैन नामक न्यूरोट्रांसमीटर के बनने में हेल्प करते हैं, जो की मूड और कॉग्निटिव फंक्शन के लिए जिम्मेदार होते हैं।

पिस्ता लो ग्लिसमिक इंडेक्स फूड होने की वजह से ब्लड शुगर लेवल को रेगुलेट करता है, क्योंकि ब्रेन के प्रॉपर फंक्शनिंग में ग्लूकोज की सप्लाई का अहम रोल होता है। कुछ स्टडीज ने यह भी बताया है कि रिश्ते में मौजूद न्यूट्रिएंट्स मेमोरी और लर्निंग एबिलिटीज पर डायरेक्ट इंपैक्ट डालते हैं।

15. कैंसर से बचने के लिए पिस्ता के फायदे

पिस्ता में मौजूद फाइटोकेमिकल्स जैसे पॉलीफेनॉल में एंटी कैंसर प्रॉपर्टीज होती है, जो कि कैंसर सेल्स के ग्रोथ को रोकती हैं। ऐसा कहा जाता है कि कोई भी बीमारी पेट से ही शुरू होती है। रिश्ते में मौजूद फाइबर डाइजेशन को अच्छा करते हैं, जिससे हमारी बॉडी न्यूट्रिएंट्स को बेटर अब्जॉर्ब कर पाती है। न्यूट्रिएंट्स के बेटर अब्जॉर्ब होने से हमारी इम्यूनिटी भी काफी तेजी से बढ़ती है, जो कि कैंसर सेल्स से लड़ने का काम करती है। इसके अलावा डाइजेशन अच्छा रहने से कोलोरेक्टल कैंसर (Colorectal Cancer) होने का खतरा भी काफी कम हो जाता है।

पिस्ता में मौजूद हेल्दी फैट्स हार्ट को हेल्दी रखते हैं, जिससे पूरी बॉडी में ब्लड की बटर सप्लाई हो पाती है। हार्ट के हेल्दी रहने से बॉडी कई तरह के कैंसर से बची रहती है। रिश्ते में मौजूद विटामिन ए विटामिन B6 और पोटेशियम बॉडी को ओवरऑल हेल्दी रखते हैं, जिससे बॉडी को किसी भी प्रकार के कैंसर सेल्स को खत्म करने में मदद मिलती है। क्रॉनिक इन्फ्लेमेशन यानी बैक्टीरिया के द्वारा होने वाले इन्फेक्शन जो की काफी ज्यादा पुराना हो गया हो, भी कैंसर होने के रिस्क को बढ़ा देता हैं। पिस्ता में एंटी इन्फ्लेमेटरी प्रॉपर्टीज होती है, जो की इन्फ्लेमेशन की वजह से होने वाले कैंसर को रोकती हैं

16. खून की कमी से बचने के लिए पिस्ता के फायदे

एनीमिया यानी खून की कमी ब्लड में हीमोग्लोबिन की कमी से होता है। पिस्ता में आयरन की काफी मात्रा होती है, जो ब्लड में हीमोग्लोबिन की कमी को पूरा करता है। इससे खून की कमी काफी हद तक पूरी हो जाती है। हीमोग्लोबिन ब्लड सेल्स में ऑक्सीजन को स्टोर करता है। पिस्ता में मौजूद कॉपर भी डाइजेशन के दौरान आयरन के अब्सोर्पशन में काफी मदद करता है।

कॉपर के अच्छे लेवल के वजह से बॉडी आयरन को बैटर उसे कर पाती है। इसके अलावा कॉपर हीमोग्लोबिन के बनने में भी काफी सहायक होता है। पिस्ता में विटामिन C की मात्रा ज्यादा नहीं होती है, लेकिन विटामिन C भी आयरन के अब्सोर्पशन में हेल्प करता है। पिस्ता में मौजूद फोलेट, रेड ब्लड सेल्स के बनने और उनकी ग्रोथ में काफी अहम भूमिका निभाता है।

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17. इम्यूनिटी के लिए पिस्ता खाने के फायदे

पिस्ता में मौजूद विटामिन B6, थियामिन, फॉस्फोरस, मैग्नीशियम और पोटेशियम ओवर ऑल हेल्थ को अच्छा रखते है, जो इम्यूनिटी को भी बैटर करते है। पिस्ता प्लांट बेस्ड प्रोटीन देता है, जो बॉडी में एंटीबॉडीज एंड इम्यून सिस्टम सेल्स के बनने को बढ़ाव देता है, जो इन्फेक्शन से लड़ने में मदद करते है। पिस्ता में मौजूद हेल्दी फैट्स विटामिन E के अब्सोर्पशन में मदद करते है, जोकि इम्यून सिस्टम को भी हेल्दी रखते है। पिस्ता में मौजूद जिंक, इम्यूनिटी को बढ़ाने के लिए जाना जाता है।

इसके साथ ही जिंक इम्यून सेल्स के डेवलपेम्ट और प्रॉपर फंक्शन में भी काफी अहम रोल निभाता है। पिस्ता में मौजूद फाइबर डाइजेशन प्रोसेस को भी अच्छा करता है, जिससे आंते भी स्वस्थ रहती है। पिस्ता ब्लड शुगर को भी रेगुलेटेड रखता है, जो ब्लड में शुगर को कंट्रोल में रखकर, इम्यूनिटी को बढ़ाता है। पिस्ता में मैग्नीशियम की मौजूदगी, नर्वस सिस्टम को शांत रखता है, जिससे स्ट्रेस कंट्रोल में रहता है। पिस्ता के मौजूद न्यूट्रिएंट्स और विटामिंस बॉडी को ओवर ऑल हेल्दी रखकर इम्यूनिटी को बढ़ाने में मदद करते है।

18. हड्डियों को मजबूती के लिए पिस्ता के फायदे

पिस्ता फास्फोरस का एक अच्छा सोर्स है, जो की बोन हेल्थ में अहम रोल रखता है। हड्डियों में फास्फोरस सबसे महत्वपूर्ण कड़ियों में से एक है, जो की हड्डियों और स्केलेटन सिस्टम को हेल्दी रखने का काम करते हैं। पिस्ता में कुछ मात्रा में कैल्शियम भी होता है, जो की हड्डियों को स्ट्रांग और हेल्दी रखने में काफी सहायता करता है। पिस्ता में मैग्नीशियम की मौजूदगी भी पिस्ता को हड्डियों के लिए सेहतमंद बनाता है। मैग्नीशियम बॉडी में बोन मेटाबॉलिज्म को मैनेज करता है।

पिस्ता में मौजूद हेल्दी फैट विटामिन D के अब्जॉर्प्शन में काफी मदद करते हैं।विटामिन K भी हड्डियों के लिए काफी जरूरी होता है। पिस्ता में विटामिन K भी थोड़ी मात्रा में होता है, जो की कैल्शियम को रेगुलेटेड रखता है और हड्डियों को मजबूत करने का काम करता है। पिस्ता बॉडी को प्लांट बेस्ड प्रोटीन देता है, जो की हड्डियों के डेवलपमेंट और मेंटेनेंस के लिए काफी जरूरी है।

प्रोटीन हड्डियो का सबसे प्राइमरी कंपोनेंट है, जो के हड्डियों के कंप्लीट स्ट्रक्चर को सपोर्ट करता है। पिस्ता में मौजूद कॉपर बॉडी में कॉलेजों के बनने को बढ़ावा देता है। कॉलेजन हमारी बॉडी में हड्डियों, ज्वाइंट्स और कनेक्टिव टिशूज को स्ट्रक्चर देने का काम करता है।

19. अस्थमा में पिस्ता के फायदे

पिस्ता अपने आप में ही एक न्यूट्रिएंट्स से भरपूर नट है, लेकिन इसका अस्थमा पर कोई सीधा असर नहीं है। हालांकि पिस्ता में कुछ ऐसी प्रॉपर्टीज जरूर है, जो अस्थमा में कुछ आराम दे सकती है। पिस्ता में मौजूद एंटी ऑक्सीडेंट और इसकी एंटी इन्फ्लेमेटरी प्रॉपर्टी अस्थमा में लंग्स में इन्फ्लेमेशन को कम करती है, जिससे अस्थमा में आराम मिलता है। पिस्ता में मौजूद ओमेगा-3 फैटी एसिड्स भी लंग्स में इन्फ्लेमेशन को कम करते है।

पिस्ता विटामिन E का अच्छा सोर्स है, जो लंग सेल्स को डैमेज और इन्फ्लेमेशन से बचाते है।पिस्ता में मैग्नीशियम की भी अच्छी मात्रा होती है, जो मसल फंक्शन में काफी अहम रोल निभाता हैं। मैग्नीशियम लंग्स में मसल को रिलैक्स कार्य है, जिससे अस्थमा में सांस लेने में आसानी होती है। पिस्ता न्यूट्रिंट्स पैकेट फूड है, जो बॉडी की ओवर ऑल हेल्थ को मेंटेन रखता है, जिससे इम्यूनिटी बढ़ती है और अस्थमा से लड़ने की ताकत मिलती है।

सभी सूखे मेवे रेस्पिरेटरी सिस्टम को इंप्रूव करने का काम करते है, जिसे भी अस्थमा में आराम मिलता है। इस वजह अस्थमा में सूखे मेवे खाने की सलाह दी जाती है।

20. ब्लड प्रेशर को कंट्रोल में रखने के लिए पिस्ता खाने के फायदे

पिस्ता ब्लड प्रेशर के लेवल को मेंटेन करने के लिए काफी प्रसिद्ध है। पिस्ता में पोटेशियम काफी मात्रा में होता है। पिस्ता बॉडी में सोडियम के लेवल को बैलेंस करता है, जिससे ब्लड प्रेशर को रेगुलेट करने में काफी सहायता होती है। पिस्ता में मौजूद फाइबर हेल्दी कोलेस्ट्रॉल के लेवल को बढ़ाकर ब्लड प्रेशर रेगुलेट करने का काम करते हैं। पिस्ता में हाई क्वांटिटी में मौजूद मैग्नीशियम ब्लड वेसल्स को रिलैक्स करके ब्लड प्रेशर को कम करने का काम करता है। पिस्ते में सोडियम की मात्रा काफी कम होती है, क्योंकि बॉडी में सोडियम ही ब्लड प्रेशर को हाई करने का काम करता है।

पिस्ता एक लो ग्लिसमिक इंडेक्स वाला फूड है। यह ब्लड में शुगर धीरे-धीरे रिलीज करता है, जिससे ब्लड में शुगर की मात्रा अचानक से नहीं बढ़ती है और ब्लड प्रेशर कंट्रोल में रहता है। पिस्ता वेट मैनेजमेंट में भी मदद करता है, जिससे ओवर ऑल कार्डियोवैस्कुलर हेल्थ बनी रहती है। पिस्ता में मौजूद हेल्दी फैट्स हार्ट को हेल्दी रखते हैं, जिससे भी ओवर ऑल कार्डियोवैस्कुलर हेल्थ भी मेंटेन रहती है। कार्डियोवैस्कुलर हेल्थ मेंटेन रहने से ब्लड प्रेशर भी कंट्रोल में रहता है।

21. ब्लड सुगर को कंट्रोल में रखने के लिए पिस्ता के फायदे

पिस्ता एक लो ग्लिसमिक इंडेक्स नट है, जो की ब्लड में धीरे लेकिन लगातार शुगर रिलीज करता है, जिससे ब्लड शुगर लेवल मेंटेन रहता है। इसके साथ ही पिस्ता में मौजूद फाइबर डाइजेशन के दौरान बॉडी के द्वारा शुगर के अब्जॉर्प्शन को भी धीमा कर देता है। इससे ब्लड में शुगर कंट्रोल में रहती है और इंसुलिन का प्रोडक्शन बढ़ जाता है। पिस्ता में मौजूद हेल्दी फैट भी बॉडी में इंसुलिन के प्रोडक्शन को बढ़ाते हैं।

पिस्ता में मौजूद प्रोटीन कार्बोहाइड्रेट के साथ मिलकर डाइजेशन और शुगर के अब्जॉर्प्शन के प्रोसेस को धीमा कर देते हैं, जिससे ब्लड में शुगर का लेवल कम होने लगता है। पिस्ता में हाई क्वांटिटी में मौजूद मैग्नीशियम भी इंसुलिन के बनने में मदद करता हैं। पिस्ता एक हेल्दी स्नैक है, जो कि दूसरे अनहेल्दी स्नैक्स से काफी बेटर है। पिस्ता में दूसरे अनहेल्दी स्नैक्स के मुकाबले काफी कम और नेचुरल शुगर होती है, जो ब्लड शुगर को कंट्रोल रखने में काफी महत्वपूर्ण है।

22. पाचन के लिए पिस्ता के फायदे

पिस्ता फाइबर का एक अच्छा सोर्स है, जो की हेल्दी डाइजेशन प्रोसेस में काफी अहम हैं। पिस्ता में मौजूद फाइबर और नेचुरल ऑयल मल त्याग को रेगुलर करके कब्ज से बचाता है। यह फाइबर पेट फूलने आदि बीमारियों को खत्म करके अनियमित मल त्याग को भी नियमित करते हैं। पिस्ता में मौजूद फाइबर एक प्रीबायोटिक का काम भी करता है, जो आंतों में हेल्दी बैक्टीरिया के प्रोडक्शन को बढ़ाता है।

हेल्दी बैक्टीरिया के प्रोडक्शन में बढ़ावा होने से मल त्याग आसान हो जाता है, जिससे डाइजेशन सिस्टम के साथ-साथ ओवर ऑल बॉडी भी हेल्दी रहती है। पिस्ता के रोजाना सेवन से बॉडी की ओवरऑल हेल्थ मेंटेन रहती है, कब्ज और अनियमित मल त्याग से भी छुटकारा मिलता है।

23. बवासीर में पिस्ता के फायदे

रिश्ते में मौजूद फाइबर मल त्याग को नियमित करके पाइल्स की समस्या बनने से रोकते हैं। पिस्ता डाइजेशन को भी अच्छा रखता है, जिससे मल मुलायम रहता है। माल के मुलायम रहने से पाइल्स में मल त्याग के समय भयानक दर्द का सामना नहीं करना पड़ता है। पिस्ता में मौजूद एंटी इन्फ्लेमेटरी प्रॉपर्टीज पाइल्स में मल द्वार के पास हुई इन्फ्लेमेशन को काम करती है।

पिस्ता में मैग्नीशियम की मौजूदगी ब्लड फ्लो को मेंटेन रखता है, जिससे पाइल्स में मल द्वार के पास इन्फ्लेमेशन में बराबर ब्लड का फ्लो बना हुआ रहता है और न्यूट्रिएंट्स की सप्लाई होती रहती है। प्रॉपर ब्लड फ्लो के बने रहने से और न्यूट्रिएंट्स की सप्लाई होते रहने से इन्फ्लेमेशन काफी जल्दी खत्म हो जाती है।

24. कोलोस्ट्रोल कंट्रोल में रखने में पिस्ता के फायदे

पिस्ता में मौजूद हेल्दी फैट्स गुड कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाते हैं, जिससे एलडीएल कोलेस्ट्रॉल यानी बेड कोलेस्ट्रॉल को कम करने का काम करते हैं। पिस्ता में मौजूद फाइबर डाइजेशन के दौरान कोलेस्ट्रॉल के अब्जॉर्प्शन को भी कम करते हैं। पिस्ता में फाइटोस्ट्रोल नमक कंपाउंड भी पाए जाते हैं, जो की डाइजेशन के दौरान कोलेस्ट्रॉल की जगह अब्जॉर्ब होने का काम करते हैं। इससे भी कोलेस्ट्रोल का लेवल कम होता है।

पिस्ता के रोजाना सेवन से लिपिड प्रोफाइल में इंप्रूवमेंट होता है, जिससे कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स में कमी होती है। पिस्ता एक हेल्दी स्नैक है, जो अनहेल्दी स्नेक्स से काफी अच्छा होता है और कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल में रखने का काम करता है।

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25. मुख हेल्थ के लिए पिस्ता के फायदे

मुख में किसी भी चीज को चबा कर खाने से सलाइवा बनता है। पिस्ता का सेवन भी चबाकर किया जाता है। जिससे सलाइवा बनता है, जो माउथ को साफ करने और माउथ में दुर्गंध करने वाले एसिड को न्यूट्रलाइज करता है। माउथ में सलाइवा बनते रहने से माउथ हाइड्रेटेड रक्त कहता है, जिससे ड्राई माउथ में एसिड की वजह से दुर्गंध आने की स्थिति से बचा जा सकता है। इसके अलावा पिस्ता में मौजूद एंटीबैक्टीरियल प्रॉपर्टीज मुख में बनने वाले बैक्टीरिया को खत्म करती है।

पिस्ता में दूसरे अनहेल्दी स्नैक्स के मुकाबले कम मात्रा में और नेचुरल शुगर होती है, जो की रिफाइंड शुगर के मुकाबले मुख में दुर्गंध करने वाले बैक्टीरिया की ग्रोथ में सहायता नहीं करती है। रिश्ते के सेवन से मुख में एक अलग ही फ्रेगरेंस और फ्रेशनेस बनी रहती है जिससे मुख दुर्गंध से बचा जा सकता है।

पिस्ता के अनोखे तथ्य – Unique facts of Pistachio in Hindi

पिस्ते से जुड़े अनोखे तथ्य नीचे बताए जा रहे है।

  • पिस्ता पकने पर उसका छिलका हल्के भूरे से हल्का लाल रंग का हो जाता है, जिससे यह पता चलता है कि अब पिस्ता तोड़ा जा सकता है।
  • कुछ जगहों पर पिस्ते को स्माइलिंग नट (Smiling Nut) यानी हंसता हुआ नट भी कहा जाता है क्योंकि पकने पर यह हंसता हुआ दिखाई देता है।
  • पिस्ते का इतिहास बहुत पुराना है और सबसे पुराने फूलने वाले नट ट्रीज में से एक है। ऐतिहासिक तथ्य ये बताते है कि पिस्ते का सेवन 6760 BC से हो रहा है।
  • पिस्ते के पेड़ ज्यादातर सूखे मौसम वाली जगहों पर ही होते है। इस वजह से पिस्ते सूखा ग्रस्त इलाके में भी काफी आसानी से हो जाते है।
  • साल 2014 में इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन के एस्ट्रोनॉट्स में कैलिफोर्निया पिस्ता का स्नैक के रूप में आनंद लिया था।
  • पिस्ते के छिलके, पिस्ता बढ़ने के दौरान काफी धीमी गति से खिलता है। हालांकि पिस्ते का छिलका पेड़ पर पूरी तरह से नहीं खुलते है, ये आगे की सूखने और भूनने वाली प्रोसेस में पूरा खुलते है।
  • पिस्ते में सभी सूखे मेवों के मुकाबले सबसे कम कैलोरी पाई जाती है।
  • पिस्ते में पाए जाने वाला एंटीऑक्सीडेंट, आंखो के लिए काफी फायदेमंद होता है।
  • बहुत से जगहों पर पिस्ते को उपहार के रूप में देना काफी अच्छा माना जाता है। वो पिस्ते को गुड लक चार्म भी मानते है।
  • पिस्ते का मीठे के साथ हो साथ नमकीन डिशेज में उपयोग होता है। पिस्ता डिशेज को यूनिक फ्लेवर और टेक्सचर देता है।
  • सामान्य पेड़ो के मुकाबले जिनमें मेल और फीमेल दोनो रिप्रोडक्टिव पार्ट्स होते है, पिस्ते के पेड़ में मेल और फीमेल पार्ट्स एक साथ नहीं होते है। मेल पिस्ते का पेड़ और फीमेल पिस्ते का पेड़ अलग अलग होता है और पिस्ते का फल सिर्फ फीमेल पिस्ते के पेड़ पर ही होता है।
  • कैलिफोर्निया में शुरुआत से पिस्ते नही होते है। साल 1970 में कैलिफोर्निया में सबसे पहले पिस्ते की खेती की गई, उसके बाद से कैलिफोर्निया आज दुनिया में सबसे ज्यादा पिस्ते पैदा करने वाले देशों में से एक है।

पिस्ता खाने के नुकसान – Side Effect of Pistachio in Hindi

पिस्ते में कैलोरी काफी ज्यादा होती हैं इस वजह से पिस्ते का ज्यादा मात्रा में सेवन करने से वजन बढ़ने की संभावना काफी बढ़ जाती है। बहुत लोगों को पिस्ते से एलर्जी भी होती है, इसलिए पिस्ते के सेवन से शरीर पर होने वाले किसी भी तरह के एडवर्स इफ़ेक्ट पर ध्यान देना काफी जरूरी है। बहुत ही रेयर केसेस में पिसते अल्फाटॉक्सिन नामक नुकसान देह पदार्थ बनाते हैं, जिससे हेल्थ रिस्क का काफी खतरा हो जाता है।

पिस्ते में फर्मेंटेबल ओलिगोसैकेराइड्स, डाईसैकेराइड्स, मोनोसैकेराइड्स और पालिओल्स होते हैं, जो की अनियमित मल त्याग या कब्ज से जूझ रहे व्यक्ति के लिए काफी नुकसान देह साबित हो सकते हैं। पिस्ते में सोडियम की मात्रा काफी कम होती है, लेकिन इसका ज्यादा मात्रा में सेवन करने से ब्लड शुगर में दिक्कत हो सकती है। इसके साथ ही बॉडी में ज्यादा सोडियम होने से हाइपरटेंशन होने का भी खतरा रहता है। पिस्ते में ऑक्सलेट भी पाए जाते हैं, जो किडनी स्टोन बनने के लिए जिम्मेदार होते हैं।

पिस्ता से जुड़ी गलत धारणाएं – Myth about Pistachio in Hindi

हर किसी वस्तु से जुड़ी लोगों में कुछ गलत धारणाएं जरूर होती ही हैं, जिन्हें सच्चाई बता कर सही करना काफी जरूरी होता है।

कुछ लोगों का यह मानना है कि पिस्ता एक हाई कैलोरी फूड है, जैसे वजन कम करते समय नहीं खाना चाहिए। सच्चाई यह है कि पिस्ते में कैलोरी की मात्रा थोड़ी ज्यादा होती है लेकिन उसी के साथ यह बॉडी को हेल्दी फैट, प्रोटीन और फाइबर देते हैं, जो पेट को भरा रखते हैं और ज्यादा खाने से बचाते हैं।

बहुत से लोगों का यह मानना है कि पिस्ते में कुछ ऐसे पदार्थ होते हैं जो शरीर में न्यूट्रिएंट्स के अब्जॉर्प्शन को रोकते हैं। पिस्ते न्यूट्रिएंट्स और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होते हैं तथा इस बात में कोई भी सच्चाई नहीं है कि पिस्ते खाने से शरीर में न्यूट्रिएंट्स का अब्जॉर्प्शन नहीं होता है।

लोगों के बीच पिस्ते को लेकर यह भी गलत धारणा है कि पिस्ते से एलर्जी होती है। हालांकि हर व्यक्ति को अलग-अलग चीजों से एलर्जी होती है। लेकिन यह जरूरी नहीं है, कि उसे पिस्ते से एलर्जी जरूर ही हो।

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लोगों को यह भी मानना है कि पिस्ता वजन बढ़ाने के लिए खाना चाहिए। सच्चाई यह है कि कंप्लीट डाइट के साथ पिस्ता एक हेल्दी स्नैक के रूप में काम करता है। रिश्ते में मौजूद प्रोटीन, हेल्दी फैट्स और फाइबर वजन मैनेज करने में मदद करते हैं।

बहुत से लोग यह भी मानते हैं कि पिस्ता डायबिटिक पेशेंट के लिए अच्छा नहीं होता है। सच्चा यह है कि पिस्ता एक लो ग्लिसमिक इंडेक्स वाला फूड है, जो डायबीटिक पेशेंट्स में शुगर को धीरे-धीरे रिलीज करके ब्लड शुगर कंट्रोल में रखता है।

पिस्ते को लेकर बहुत से लोगों में यह भी गलत धारणा है कि पिस्ता अपने फैट कंटेंट की वजह से हेल्दी नहीं है। लेकिन सच्चाई यह है कि पिस्ते में मौजूद फैट हार्ट को हेल्दी रखने का काम करते हैं।

पिस्ते से जुड़ी आखिरी गलत धारणा यह है कि पिस्ते का सिर्फ मीठी डिशेस बनाने में यूज होता है। दुनिया में पिस्ते का मीठे तथा नमकीन के साथ-साथ बहुत सी डिशेज में प्रयोग होता है और पिस्ता उस डिश को काफी स्वादिष्ट बनाने का काम करता है।

पिस्ता की तासीर कैसी होती है?

आयुर्वेद और यूनानी औषधि विज्ञान के अनुसार किसी भी वस्तु की तासीर उसके द्वारा शरीर के तीन दोष वात, पित्त और कफ पर पड़ने वाले असर के अनुसार डिसाइड की जाती है। किसी भी वस्तु की तासीर तीन तरह की हो सकती है, जिसमे उष्म यानी गर्म, शीत यानी ठंडा और साम यानी न्यूट्रल, न ज्यादा गर्म न ज्यादा ठंडा आते है। पिस्ते की तासीर गर्म होती है, जिसे शरीर में बन रहे कफ को कम करने के लिए खाया जाता है। पिस्ते का शरीर पर गर्म असर होता है और पिस्ता ज्यादा बनी हुई ठंड को अपनी गर्मी से कम करने का काम करता है।

विभिन्न भाषाओं में चीकू के नाम – Names of the Pistachio in different Languages

भाषाएंअन्य नाम
अंग्रेजीग्रीन ऑमन्ड, पिस्टेशिओ नट
हिंदीपिस्ता, गुली पिस्ता
गुजरातीपिस्ता
संस्कृतमुकूलक, अभिषुक, चारुफल
मराठीपिस्ते
उर्दूगुले पिस्ता
मलयालमपिस्ते
नेपालीपिस्ता
अरबीफिस्ताक, फूस्टुक
पर्शियनपिस्ता

पिस्ता में कौन कौन से पोषक तत्व मिलते है? – Nutritional value of Pistachio per 100g in Hindi

यदि कोई व्यक्ति 100 ग्राम सादा भीगा हुआ पिस्ता रोजाना खाएं, तो उसे नीचे लिखी मात्रा में पोषक तत्व मिलते है।

पोषक तत्वमात्रा प्रति 100 ग्राम
कैलोरी562 कैलोरी
प्रोटीन 20.3 ग्राम
फैट45.4 ग्राम
सैचुरेटेड फैट 5.6 ग्राम
मोनोअनसैचुरेटेड फैट23.3 ग्राम
पॉलीअनसैचुरेटेड फैट14.3 ग्राम
कार्बोहाइड्रेट्स27.5 ग्राम
शुगर7.7 ग्राम
फाइबर10.3 ग्राम
कैल्शियम107 मिलीग्राम
आयरन4.2 मिलीग्राम
मैग्नीशियम120 मिलीग्राम
फॉस्फोरस485 मिलीग्राम
पोटैशियम1025 मिलीग्राम
सोडियम1 मिलीग्राम
विटामिन सी5.6 मिलीग्राम
विटामिन B61.7 मिलीग्राम
फोलेट50 माइक्रोग्राम
विटामिन E2.9 मिलीग्राम

पिस्ता खाने का सही तरीका

चूंकि पिस्ता की तासीर गर्म होती है, इस वजह से इससे रात में पानी में भिगोकर सुबह नाश्ते के साथ खाना चाहिए। पिस्ता सेहत के लिए काफी फायदेमंद है, लेकिन उसे सूखा खाने पर इसकी गर्म तासीर होने के कारण यह शरीर पर कुछ नुकसान कर सकता है।

पिस्ता का प्रतिदिन कितना सेवन करना चाहिए?

45 ग्राम।

पिस्ता नमकीन क्यों होता है?

पिस्ता को भूनते समय उसमे नमक मिलाया जाता है।

अगर पिस्ता खराब हो, तो उसका पता कैसे चलता है?

खराब पिस्ता काले रंग का होता है।

पिस्ता का वैज्ञानिक नाम क्या है?

पिस्तासिया वेरा।

क्या कच्चा पिस्ता खाना सुरक्षित है?

हां।

निष्कर्ष

आज के इस लेख में आपने जाना की पिस्ता क्या होता है? और पिस्ता के फायदे और नुकसान? (Pistachio in Hindi) इस लेख को पूरा पढ़ने के बाद भी अगर आपके मन में Pista Ke Fayde aur Nuksan को लेकर कोई सवाल उठ रहा है तो आप नीचे Comment करके पूछ सकते हैं। हमारी विशेषज्ञ टीम आपके सभी सवालों का जवाब देगी।

अगर आपको लगता है कि इस लेख में कोई गलती है तो आप नीचे Comment करके हमसे बात कर सकते हैं, हम उसे तुरंत सुधारने की कोशिश करेंगे। अगर आपको हमारे द्वारा Pistachio in Hindi पर दी गई जानकारी पसंद आई है और आपको इस लेख से कुछ नया सीखने को मिलता है, तो इसे अपने दोस्तों और परिवार के साथ जरूर साझा करें। आप इस लेख का पोस्ट लिंक ब्राउजर से कॉपी कर सोशल मीडिया पर भी साझा कर सकते हैं।

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Akanksha Shree
आकांक्षा श्री ने पटना वीमेंस कॉलेज से इंग्लिश ऑनर्स में बैचलर्स और ट्रेवल एंड टूरिज्म में सर्टिफिकेशन कोर्स किया है। इन्होंने वर्ष 2023 में अपने करियर की शुरुआत स्वास्थ्य आधारित वेब पोर्टल से की थी। अब तक इनके 50+ से भी ज्यादा आर्टिकल प्रकाशित हो चुके हैं।

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