वज्रासन क्या है? वज्रासन कैसे किया जाता है? वज्रासन के फायदे और नुकसान क्या है? – What is Vajrasana in Hindi

आज जानेंगे वज्रासन के फायदे और नुकसान की पूरी जानकारी (Vajrasana in Hindi) के बारे में क्योंकि इस बात को तो सभी लोग मानते हैं कि योगासन करने से हमारा तन भी स्वस्थ बनता है और हमारा मन भी स्वस्थ बनता है। बात करें अगर वज्रासन की तो Vajrasana की गिनती भी योगासन के अहम आसनों में की जाती है। वज्रासन की सबसे खास बात यह है कि इसे करना बहुत ही आसान है। इसे करने के लिए ना तो आपको कहीं पर जाने की आवश्यकता है ना ही कोई चीज बिछाने की आवश्यकता है।

आप चाहे तो फर्श पर बैठ कर के भी इसे कर सकते हैं। वज्रासन करने में तो भले ही आसान है परंतु इसके फायदे बहुत ही कमाल के हैं। आज के इस लेख में जानेंगे कि Vajrasana Kya Hota Hai, Vajrasana kaise kiya jata hai, वज्रासन के फायदे, Vajrasana in Hindi, वज्रासन के नुकसान, आदि की जानकारीयां पूरा डिटेल्स में जानने को मिलेगा, इसलिये इस लेख को सुरू से अंत तक जरूर पढे़ं।

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वज्रासन क्या है? – What is Vajrasana in Hindi

Vajrasana in Hindi
Vajrasana in Hindi

इस आसन को संस्कृत के शब्द वज्र का नाम लेकर के वज्रासन नाम दिया गया है जिसे करने के लिए आपको अपने घुटनों को मोड़ना पड़ता है और उसके बाद पैरों पर बैठकर के इस आसन को करना पड़ता है। वज्र का मतलब होता है आसमान से नीचे गिरने वाली बिजली। अंग्रेजी में इसे डायमंड पोज भी कहा जाता है।

वज्रासन में बैठकर के अनुलोम-विलोम भी किया जा सकता है साथ ही कपालभाति और प्राणायाम भी कर सकते हैं। जिस प्रकार योग शास्त्र में अन्य आसनों को करने से होने वाले विभिन्न प्रकार के फायदे बताए गए हैं, उसी प्रकार Vajrasana करने से भी कई फायदे हमारे बॉडी को प्राप्त होते हैं।

वज्रासन कैसे करते हैं? – How to do Vajrasana in Hindi

नीचे जानिए वज्रासन करने का तरीका क्या है।

1. इसे करने के लिए जमीन पर अपने घुटनों के सहारे बैठ जाना है और इस दरमियान आपको अपनी एड़ियों को अलग रखना है और दोनों पैरों के अंगूठे को जॉइंट करना है।

2. अब आपको अपनी एड़ी पर अपने नितंबों को टिकाना है और फिर आपको दोनों हाथों की हथेलियों को अपने घुटने पर रख देना है।

3. अब आपको कमर को बिल्कुल सीधा करके अपनी आंखों को बंद कर लेना है और नॉर्मल तौर पर आपको सांस अंदर और बाहर करना है।

4. आपको इस प्रकार कम से कम 10 मिनट से लेकर के 12 मिनट तक बैठे रहना है। अगर आपको अपने घुटने में दर्द का एहसास होता है तो आप ध्यान भंग कर सकते हैं और दर्द से शांति पाने के बाद फिर से अभ्यास कर सकते हैं।

वज्रासन के फायदे – Benefits of Vajrasana in Hindi

नीचे जानिए वज्रासन करने के कौन से लाभ इंसानी शरीर को प्राप्त होते हैं।

1. डायबिटीज के लिए वज्रासन के फायदे

एनसीबीआई की वेबसाइट पर पब्लिश एक रिपोर्ट के अनुसार वज्रासन करने से हम फास्टिंग ग्लूकोस को घटा सकते हैं। ऐसा कहा जाता है कि Vajrasana जब इंसानों के द्वारा किया जाता है, तब यह पूरे Endocrine Mechanisms साथ जुड़ता है और इंसुलिन को तो बेहतर बनाने का काम करता ही है, साथ ही ग्लूकोज को भी बेहतर बनाता है, जिसके कारण डायबिटीज को कंट्रोल करने में काफी हेल्प प्राप्त होती है।

2. मांसपेशियों के लिए वज्रासन के फायदे

वज्रासन जब किया जाता है तो पेट, पैर, घुटनों के जॉइंट, जांघ की मांसपेशियों में काफी सुधार होता है। इसके साथ ही यह नितंब के मसल्स, पेट की मांसपेशियां और हिप्स के जोड़ों की मांसपेशियों को भी मजबूती प्रदान करने का काम करता है।

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3. हृदय और मस्तिष्क में सुधार के लिए वज्रासन के फायदे

अगर कोई व्यक्ति रोजाना वज्रासन की प्रैक्टिस करता है तो इससे ह्रदय और दिमाग के काम करने की कैपेसिटी में काफी तेजी के साथ बढ़ोतरी होती है, जिसकी वजह से ह्रदय और दिमाग से संबंधित जो प्रॉब्लम होती हैं वह थोड़ी घट जाती हैं। Vajrasana करने से ह्रदय और दिमाग की धमनी में ऑक्सीजन से भरे हुए खून का आदान-प्रदान तेजी के साथ होता है जिससे इन दोनों ही अंगों के काम करने की कैपेसिटी में काफी इजाफा होता है।

4. दर्द से राहत के लिए वज्रासन के फायदे

वज्रासन को कर के हाथों में होने वाले दर्द या फिर पैरों में होने वाले दर्द से छुटकारा पाया जा सकता है। एक स्टडी के अनुसार वज्रासन करने से हाथ और पैरों की मांसपेशियों को आराम मिलता है जिसकी वजह से हाथ और पैरों में होने वाले दर्द तो दूर ही होते हैं।

इसके साथ ही इसे करने से पेट के निचले हिस्से की जो प्रॉब्लम होती है और मांसपेशियों का दर्द होता है, वह भी गायब हो जाता है, साथ ही रिसर्च के अनुसार साइटिका के दर्द और गठिया से संबंधित घुटनों के दर्द में आराम पाने के लिए भी Vajrasana काफी हेल्पफुल साबित होता है।

5. पाचन के लिए वज्रासन के फायदे

भोजन के बाद डाइजेस्टिव सिस्टम से संबंधित प्रॉब्लम को खत्म करने के लिए भी वज्रासन किया जाता है। वज्रासन करने की वजह से बॉडी में जो खाना पचाने वाले अंग है, उनका ब्लड फ्लो तेजी के साथ बढ़ता है और ब्लड फ्लो तेजी के साथ बढ़ने की वजह से पेट में होने वाली कुछ सामान्य समस्याएं जैसे कि कब्ज, एसिडिटी, पेट का भारीपन, पाइल्स, आंतों की गैस से छुटकारा मिलता है।

6. ब्लड सरकुलेशन में वज्रासन के फायदे

वज्रासन जब किया जाता है तो इससे हमारे पेट के आसपास के जो हिस्से हैं, वहां पर तेजी के साथ खून का आना जाना होने लगता है जिसकी वजह से पेट और पेल्विक से संबंधित बॉडी के अंगों को मजबूती प्राप्त होती है। इसके साथ ही इसे करने में जब घुटने को मोड़ा जाता है तो उसकी वजह से भी पैर से लेकर के ह्रदय तक खून का आवन जावन अच्छे से होता है।

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7. गर्भावस्था में वज्रासन के फायदे

गर्भवती महिला को Vajrasana करने से उसका रक्त संचार तेज हो जाता है जिससे उसके पेट में पल रहे बच्चे के विकास में मदद मिलती है। गर्भवती महिला को वज्रासन करने उनकी गैस और एसिडिटी की समस्या से भी निजात दिलाता है।

वज्रासन के नुकसान – Side Effects of Vajrasana in Hindi

नीचे आपको Disadvantages of Vajrasana in Hindi अथवा वज्रासन करने की हानियों के बारे में बताया गया है।

1. रीढ की हड्डी का दर्द

वज्रासन को जब किया जाता है, तब इसमें लगातार रीढ की हड्डी को बिल्कुल सीधा करके रहना पड़ता है अर्थात आपको अपनी कमर को बिल्कुल सीधा करके रखना पड़ता है। इसलिए ऐसे व्यक्ति जिन्हें रीढ की हड्डी में दर्द होता है या फिर जिन्हें लगातार कमर को सीधा करने में दिक्कत होती है, उन्हें इसे करने से बचना चाहिए।

2. बवासीर

वज्रासन जमीन पर बैठ करके किया जाता है। इसलिए जिन लोगों को बवासीर की समस्या है उन्हें भी इसे नहीं करना चाहिए। ऐसा करने पर उन्हें अपने गुदा भाग में दर्द हो सकता है।

3. घुटनों में दर्द

अगर किसी व्यक्ति को घुटने में कोई चोट लगी हुई है या फिर उसे घुटने मोड़ने में दिक्कत हो रही है तो भी उसे इसे करने से बचना चाहिए।

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वज्रासन की सावधानियां – Vajrasana Precautions in Hindi

नीचे दी गई सावधानी आपको वज्रासन करने के दरमियान, पहले अथवा बाद में रखनी है।

  • घुटने और टकने में लचीलापन ना आने की सिचुएशन में आपको इसे अधिक देर तक नहीं करना चाहिए।
  • अगर आपको घुटनों में किसी तरह की समस्या है तो वज्रासन करने से बचें।
  • अगर घुटने की हड्डी खिसकी हुई है, तो इसे ना करें।
  • लो ब्लड प्रेशर की प्रॉब्लम में इसे नहीं करें।
  • घुटने की सर्जरी किसी व्यक्ति की अगर हुई है अथवा घुटने में कोई अन्य प्रॉब्लम है तो उसे इसे नहीं करना चाहिए।
  • प्रेग्नेंट हो चुकी महिलाओं को भी इसे नहीं करना चाहिए।
  • रीढ की हड्डी में अगर किसी व्यक्ति को दर्द होता है या फिर उसे रीढ की हड्डी से संबंधित अन्य कोई समस्या है तो उसे Vajrasana करने से बचना चाहिए। ऐसा करने से आपको दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
  • अल्सर, हर्निया, छोटी आंत और बड़ी आंत की प्रॉब्लम वाले लोगों तो भी वज्रासन नहीं करना चाहिए।

वज्रासन से संबंधित टिप्स – Tips related to Vajrasana in Hindi

जब भी आसन को आप करना चालू करेंगे तब आपको स्टार्टिंग में अपने पैरों में दर्द का एहसास हो सकता है। अगर आपको अपने पैरों में दर्द का एहसास होता है, तो आपको वज्रासन की सिचुएशन से खड़े हो जाना है और अपने पैरों को आगे की ओर ले जाना है और उसके बाद अपने पिंडलियों, घुटने और टखनो की मालिश करना है। इस प्रकार अगर आप रोजाना प्रैक्टिस करते हैं, तो आप इस आसन को 20 मिनट तक कर सकेंगे। ef0303

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अगर आपको किसी भी प्रकार की कोई प्रॉब्लम है तो आपको बिना ट्रेनर की देखरेख में इस आसन को नहीं करना चाहिए। आसन को करने के दरमियान आपको पूरी तरह से अपने मन को एकाग्र कर लेना चाहिए और अनावश्यक बातें अपने मन में नहीं लानी चाहिए।

वज्रासन कितनी देर करना चाहिए?

वज्रासन करने का कोई तय समय नहीं है। आपको जब तक कंफर्टेबल लगे तब तक आप Vajrasana को कर सकते हैं परंतु जैसा कि आप जानते हैं कि लोगों को विभिन्न प्रकार की समस्याएं होती हैं जिसके कारण अधिक देर तक वह Vajrasana नहीं कर सकते हैं। इसीलिए यह हर आदमी के ऊपर डिपेंड करता है कि, वह अपनी सिचुएशन को देखते हुए कितनी देर तक इसे करे। फिर भी हमारी एडवाइस के अनुसार कम से कम 10 मिनट तो वज्रासन करना ही चाहिए।

वज्रासन करने से पहले कौन सा आसन करें?

पद्मासन
प्राणायाम

वज्रासन करने के बाद कौन सा आसन करें?

अधोमुख श्वानासन
प्राणायाम

वज्रासन कब करना चाहिए?

Vajrasana दोपहर के भोजन के बाद करना चाहिए। वज्रासन पाचन तंत्र को मजबूत करता है।

वज्रासन किसे नहीं करना चाहिए?

वज्रासन उन लोगों को नहीं करना चाहिए जिनके घुटने कमजोर हों, जिन्हें गठिया हो या जिनकी हड्डियाँ कमजोर हों।

खाना खाने के बाद वज्रासन कितनी देर करना चाहिए?

खाना खाने के बाद वज्रासन 10 मिनट करना चाहिए इससे आपका भोजन जल्दी पचने लगता है और कब्ज, गैस, अफारा आदि से छुटकारा मिल जाता है।

निष्कर्ष

आज के इस लेख में आपने जाना की वज्रासन क्या होता है? और वज्रासन के फायदे और नुकसान (Vajrasana in Hindi) इस लेख को पूरा पढ़ने के बाद भी अगर आपके मन में Vajrasana ke fayde aur nuksan in Hindi को लेकर कोई सवाल उठ रहा है तो आप नीचे Comment करके पूछ सकते हैं। हमारी विशेषज्ञ टीम आपके सभी सवालों का जवाब देंगे। अगर आपको लगता है कि इस लेख में कोई गलती है तो आप नीचे Comment करके हमसे बात कर सकते हैं, हम उसे तुरंत सुधारने की कोशिश करेंगे।

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Akanksha Shree
आकांक्षा श्री ने पटना वीमेंस कॉलेज से इंग्लिश ऑनर्स में बैचलर्स और ट्रेवल एंड टूरिज्म में सर्टिफिकेशन कोर्स किया है। इन्होंने वर्ष 2023 में अपने करियर की शुरुआत स्वास्थ्य आधारित वेब पोर्टल से की थी। अब तक इनके 50+ से भी ज्यादा आर्टिकल प्रकाशित हो चुके हैं।

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